मथुरा। कोसीकलां थाना क्षेत्र के गांव कामर में 13 वर्ष पूर्व हुई भैंस द्वारा गोबर के विवाद में युवक की हत्या में बृहस्पतिवार को एडीजे-6 अभिषेक पांडेय की अदालत से फैसला आया। आरोपी को साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 24 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, इस मुकदमे के दूसरे आरोपी दौरान-ए-ट्रायल मौत हो गई थी।
प्रकरण 6 नवंबर 2010 का है। कामर गांव का शिब्बा पुत्र रामा दोपहर के वक्त भैंस चराने ले जा रहा था। तभी रास्ते में चरन सिंह पुत्र गंगाधर के घर के आगे भैंस ने गोबर कर दिया, जिस पर चरन सिंह ने तैश में आकर गाली-गलौज कर दी। इस पर वहां से गुजर रहे शिब्बा के बड़े भाई सुरेश ने मौके पर आकर बीच बचाव करा दिया। उसी दिन सुरेश पत्नी ओमवती के साथ खेत से पशुओं के लिए चारा लेकर घर जा रहे थे। तभी गांव में गंगाधर के मकान के सामने पहुंचे तो गंगाधर पुत्र हरख्याल व उनके बेटे चरन सिंह ने रोक लिया और फरसे और लाठी से सुरेश पर हमला कर दिया था।
ओमवती के चिल्लाने पर गांव के कई लोग जुटे। उनके आने पर सुरेश को छोड़ा गया। हमले में घायल सुरेश को परिजन अस्पताल ले गए। वहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। शिब्बा ने इस मामले में चरन सिंह और उसके पिता गंगाधर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजते हुए विवेचना शुरू की। पुलिस ने विवेचना के दौरान घटना के साक्ष्य एकत्रित कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ। दौरान-ए-ट्रायल गंगाधर की मौत हो गई। एडीजीसी हेमेंद्र भारद्वाज ने बताया कि चरन को साक्ष्यों व गवाही के आधार पर कोर्ट ने आजीवन कारावास और 24 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
मृतक पक्ष के 6 लोगों को तीन-तीन साल की कैद
इसी घटना में मृतक पक्ष पर जानलेवा हमले, बलबे सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। उनको कोर्ट ने तीन-तीन साल की कैद और 4500-4500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मुकदमा हत्या के दोषी चरन सिंह के पक्ष की ओर से दर्ज कराया गया था। सजा पाने वाले दोषियों में मंदो पुत्र सुखी, कुमरपाल पुत्र सुमेरा, मोहन श्याम पुत्र मंदो, चरनपाल पुत्र हरी सिंह, रामकुमार पुत्र रोशन, संतो पुत्र यादराम निवासीगण कामर, कोसीकलां शामिल हैं।