विहिप की सामाजिक समरसता संगोष्ठी में पदाधिकारी
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मथुरा में विश्व हिंदी परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) विनायक राव देशपांडे ने सामाजिक समरसता और हिंदुओं की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय हिंदुओं में कुछ वर्गों को अछूत बनाने का कार्य मुगलों के भारत आगमन के बाद हुआ। भारत में चमड़े का उपयोग नहीं होता था। चमड़े का जूता मुगलों की ही देन है। हिंदुओं में कुछ वर्णों को अछूत बनाने में मुगलों का हाथ है।
अग्रवाटिका में सोमवार को सामाजिक समरसता संगोष्ठी के मुख्य वक्ता देशपांडे ने कहा कि मुगल काल में जो हिंदू किन्हीं विपरीत परिस्थितियों में गुलाम बन गए उन्हें चमड़े आदि जैसे कार्यों में जुड़ना पड़ा। इसकी वजह से वे धीरे- धीरे अछूत बनते चले गए। आज तो कुश्ती, कबड्डी जैसे खेल भी जूते पहनकर खेले जा रहे हैं। यही दूरी मिटाकर आज हिंदुत्व को मजबूत करना आवश्यक है।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीराम दरबार एवं भारत माता के चित्र के सम्मुख महामंत्री संगठन ने दीप प्रज्वलित कर किया। पदाधिकारियों ने मंचासीन अतिथियों को पटुका व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम को अध्यक्ष सत्य मित्रानंद महाराज, विशिष्ट अतिथि डॉ. अशोक कुमार, आचार्य बद्रीश महाराज, हेमंत अग्रवाल, मेयर मुकेश आर्यबंधु ने संबोधित किया। संचालन विहिप के प्रांत सहमंत्री मुकेश शुक्ला और आभार विहिप के महानगर अध्यक्ष अमित जैन ने व्यक्त किया।