वृंदावन(मथुरा)। ठाकुर श्रीबांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के विरोध में मंगलवार शाम मंदिर के समीप एक धर्मशाला में मंदिर के सेवायत गोस्वामियों और व्यापारियों की बैठक हुई। बैठक में सौंदर्यीकरण के कारण होने वाली जन और धन की हानि की संभावना जताई गई। नगरवासियों के हित में कार्य करने की मांग शासन प्रशासन से की गई।
ठा. श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत दिनेश गोस्वामी ने कहा कि विशेष पर्वों पर होने वाली भीड़ को देखकर मंदिर कॉरिडोर का निर्माण का प्रस्ताव है, जबकि आम दिनों में मंदिर में भीड़ बहुत कम रहती है। बीते शनिवार और रविवार को मंदिर में भीड़ का दबाव न के बराबर रहा। आज कॉरिडोर निर्माण को लेकर लोगों में दहशत का वातावरण है। सरकार को लोगों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए। इस प्रस्ताव से जन और धन दोनों की हानि संभव है।
केडी गोस्वामी ने कहा कि सौंदर्यीकरण होना चाहिए, लेकिन इसमें आम लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाना बहुत जरूरी है। हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास लोगों के व्यापार और उनके घरों को उजाड़कर न किया जाए। व्यापारी अलौकिक शर्मा और गोविंद खंडेलवाल ने कहा कि आज व्यापार प्रभावित हो चुका है। कॉरिडोर निर्माण को लेकर व्यापारियों में डर का माहौल है। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी बुधवार को व्यापारियों की बैठक में आगे की रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में वृंदावन बचाओ समिति में समाज के हर तबके से लोगों को जोड़ा जा रहा है। अशोक शर्मा, राकेश अग्रवाल, राजेश शर्मा, आशीष, अमित गौतम, सिद्धार्थ शर्मा, बालकृष्ण गोस्वामी, रजत गोस्वामी, गोपी गोस्वामी, शिवा गौतम, शुभम शर्मा, हिमांशू, सोनू सारस्वत आदि मौजूद रहे।
वृंदावन बचाओ समिति गठित
संवाद न्यूज एजेंसी
वृंदावन। ठाकुर श्रीबांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर के विरोध में वृहद स्तर पर जनांदोलन की रणनीति बनाई जा रही है। अपने मकानों और प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए लोग एकजुट हो रहे हैं। मंगलवार को वृंदावन बचाओ समिति का गठन कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार द्वारा बांके बिहारी मंदिर कारिडोर को लेकर तैयारियां चल रही हैं। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में गठित आठ सदस्यीय समिति ने मंदिर के आसपास के क्षेत्र की भू संपत्तियों का सर्वे कर मूल्यांकन और चिन्हांकन का कार्य किया। जिसकी रिपोर्ट 17 जनवरी को हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। वहीं लोग घरों और प्रतिष्ठानों को बचाने लिए लोग एकजुट होने लगे हैं। मंगलवार को वृंदावन के एक गेस्टहाउस में जनांदोलन की रणनीति तैयार की गई। आंदोलन को सफल बनाने के लिए वृंदावन बचाओ समिति का गठन किया गया है।
बिहारीजी कॉरिडोर से जुड़ी संपत्तियों का मूल्यांकन अब अंतिम दौर में
मथुरा। वृंदावन में प्रस्तावित बिहारीजी कॉरिडोर क्षेत्र में चिन्हित संपत्तियों का मूल्यांकन की प्रक्रिया मंगलवार को भी जारी रही। नगर आयुक्त अनुनय झा की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति ने चिन्हांकन करने वाली टीम की मौजूदगी में संपत्तियों का मूल्यांकन का कार्य जारी रहा।
पिछले एक सप्ताह से वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी जी के भक्तों के लिए कॉरिडोर की योजना पर सर्वे का काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में दो स्तरीय सर्वे के बाद अब दायरे में आ रहीं संपत्तियों का मूल्यांकन शुरू हो गया है। यह मूल्यांकन स्टांप और पीडब्ल्यूडी की दरों के मुताबिक किया जा रहा है। इसके लिए मंगलवार को देर रात नगर आयुक्त की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। इसमें विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए स्टांप और पीडब्ल्यूडी द्वारा तय की गई दरों के मुताबिक मूल्यांकन की प्रक्रिया को देखा गया। नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि संपूर्ण प्रक्रिया अंतिम दौर में है। संवाद