प्रस्तावित क्षेत्र चिन्हांकन समिति के अध्यक्ष नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर से जुडे़ क्षेत्र के चिन्हांकन और मूल्यांकन के दौरान सभी आवश्यक बिंदुओं की जानकारी एकत्रित की जा रही है। इसमें मंदिर और उनकी प्राचीनता को भी शामिल किया गया है। चार मंदिरों की पहचान कर ली गई है, जो कॉरिडोर का हिस्सा बनेंगे। ये सार्वजनिक स्थल पर प्राचीन मंदिर हैं। बाकी की प्रक्रिया जारी है।
कॉरिडोर की चमक में चकाचौंध होंगे ये प्रमुख मंदिर
मंदिर मदन मोहन
श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र के अत्यंत निकट विराजमान श्री मदन मोहन जी का मंदिर वृंदावन का सबसे प्राचीन मंदिर माना जाता है। इसका निर्माण सन् 1590 से 1627 के बीच में मुल्तान निवासी रामदास खत्री कपूर द्वारा आदित्य टीले पर कराया था। लाल पत्थर से बना यह मंदिर वर्तमान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन है, जो बिहारीजी मंदिर से भी बहुत प्राचीन है।
मंदिर राधावल्लभ
वृंदावन के सप्त देवालयों में शामिल श्रीराधावल्लभ का मंदिर भी शामिल है। यह मंदिर भी प्रस्तावित कॉरिडोर के अत्यंत निकट स्थित है। इसका निर्माण हरिवंश महाप्रभु ने कराया था। यह मंदिर भी सन 1600 के करीब बनवाया गया था, जिस पर मुगल आक्रमण के बाद 1842 में नवीन निर्माण किया गया।