मथुरा। मुठभेड़ में गिरफ्तार फर्जी आईपीएस सुभाष कुंतल।
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मथुरा में मगोर्रा पुलिस व एसओजी की टीम ने बुधवार रात को कुंदरवन मार्ग पर मुठभेड़ में एक फर्जी आईपीएस गिरफ्तार किया। खुद को लखनऊ में तैनात आईजी क्राइम बताकर शातिर अपराधी ने सोमवार को फरह इंस्पेक्टर को धमकाकर एक अपराधी की जानकारी मांगी थी। मूलरूप से वह भरतपुर का रहने वाला है। राजस्थान, उप्र और जम्मू कश्मीर में इस पर मुकदमे दर्ज हैं। हिस्ट्रीशीट भी खुली है। एक दशक पहले सेना भर्ती का सिंडिकेट भी संचालित करता था। उसी सिंडिकेट के तीन सदस्यों की करोड़ों रुपयों के लेनदेन में हत्या भी कर चुका है।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि बुधवार रात को एसओजी प्रभारी राकेश यादव व मगोर्रा प्रभारी पुष्पेंद्र कुमार कुंदरवन रोड स्थित ज्ञान कालेज के सामने मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया। उसकी पहचान राधेश्याम उर्फ सुभाष कुंतल पुत्र पूरन सिंह निवासी उद्योग नगर, भरतपुर के तौर पर हुई है। यह खुद को आईजी क्राइम लखनऊ में तैनात आईपीएस अधिकारी बताकर इंस्पेक्टर, दरोगाओं को धमकाकर आरोपियों की जानकारी मांगने और बाद में उनके परिजनों से मुकदमों से नाम निकलवाने के नाम पर पैसे लेने का रैकेट चलाता है।
13 मुकदमे इस पर दर्ज हैं। बीते सोमवार को फरह थाना इंस्पेक्टर से रिफाइनरी की पाइप लाइन में सेंधमारी कर तेल चोरी के आरोपी निशांत किरण कर्णिक पुत्र स्वः किरण गणेश कर्णिक निवासी वडोदरा, गुजरात की जानकारी भी इसके द्वारा ही मांगी गई थी। पैर में गोली लगने से घायल राधेश्याम उपचाराधीन है। उसके पास से 21 फर्जी आईपीएस विजिटिंग कार्ड, एक आईएएस विजिटिंग कार्ड, तमंचा, कारतूस, बाइक बरामद हुई है। बृहस्पतिवार को जेल भेजा जाएगा।
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राधेश्याम ने अपनी कोठी को बना रखा है अभेद किला
52 वर्षीय अपराधी राधेश्याम को लेकर पुलिस ने बताया कि अजान गांव, भरतपुर में उसकी आलीशान कोठी है। परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। एक बेटा सीआरपीएफ में था। उसने खुद को फांसी लगाकर जान दे दी थी। गांव में उसने, जो आलीशान कोठी बना रखी है, उसको अभेद किला बना रखा है। चारों ओर तारों की बाड़बंदी करा रखी है। इसके अलावा चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी लगा रखे है। समय-समय पर खुद उनकी निगरानी करता है। इसके अलावा कोठी के आसपास हमेशा अपने कुछ लोगों को तैनात रखता है। गांव में चर्चा है कि राधेश्याम की कोठी की दीवारों में नोटों की गड्डी चिनी हुई हैं।