केक काटकर अपना दूसरा जन्मदिन मनाती हथिनी बानी।
फरह (मथुरा)। दो साल पहले उत्तराखंड में एक रेल से हुए हादसे में घायल 9 माह की हथनी (बानी) ने वाइल्ड लाइफ एसओएस में अपने दो साल पूरे किए। बुधवार को केक काटकर उसका दूसरा जन्मदिन मनाया गया। तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आकर उसके पिछले पैर लकवाग्रस्त हो गए थे। उसे फरह स्थित हाथी अस्पताल लाया गया। पिछले दो वर्षों में वाइल्डलाइफ एसओएस की पशु चिकित्सा टीम ने विशेषज्ञों की अंतरराष्ट्रीय टीम के सहयोग से उसके लिए गहन पुनर्वास योजना लागू की है। इसमें एक्यूपंक्चर, लेजर थेरेपी, आयुर्वेदिक मालिश, विशेष पूरक आहार, हाइड्रोथेरेपी शामिल हैं। इलाज के बाद बानी को खड़े होने के लिए किसी सहारे की ज़रूरत नहीं है। हालांकि वह अभी भी अपने पिछले पैरों को घसीट कर चलती है। इसमें उसे विशेष रूप से तैयार सुरक्षात्मक जूतों का सहारा मिल रहा है जो उसके पैरों के तलवों को नुकसान होने से बचा रहा है। सर्दियों में उसके बाड़े को मोटी चादरों से ढककर रखा जाता है, वह ऊन से भरी तिरपाल की जैकेट पहनती है और हेलोजन लाइटों के नीचे गर्म रहती है। वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव गीता शेषमणि ने कहा अपनी मां को खोने और घायल होने के बाद बानी हमारे पास आई थी। दो साल बाद वह चल-फिर रही है, खेल रही है और स्वस्थ है।