कोसीकलां (मथुरा) l कोरोना के खिलाफ जारी जंग में क्वारंटाइन सेंटरों पर लापरवाही एवं बदइंतजामी परेशानी बढ़ा सकती है। वहां रह रहे मरीज सैंटरों के रहन सहन और साफ सफाई की व्यवस्थाओं पर उंगली उठा रहे हैं। आरोप है कि क्वारंटाइन किए गए लोगों के साथ बदतर व्यवहार किया जा रहा है। वृंदावन स्थित कृष्णा कुटीर में क्वारंटाइन किए गए सुपाना निवासी हरिओम चौधरी का कहना था कि इस समय सेंटर पर करीब 180 मरीजों को क्वरंटाइन किया गया है। यहां खाना बदतर स्थिति का दिया जा रहा है। जो कि मरीज को सही होने की बजाए उल्टा बीमार कर रहा है। सेंटर पर न तो कोई सेनेटाइजर का छिड़काव किया जा रहा है । साफ सफाई की बात करनी तो बेईमानी होगी। बुधवार की सुबह जब सुबह सात बजे चाय वितरण किया गया तो सामाजिक दूरी का नियम तार तार हो गया। मरीजों को कोई दवाई भी नहीं दी जा रही है। हरिओम चौधरी का कहना था कि जिन मरीजो की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है उनको भी घर नहीं भेजा जा रहा है। चिकित्सकों की दलील होती है कि यहां 14 दिन आपको काटने ही होंगे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर गांव में पहुंचकर स्वजनों को परेशान किए जाने का भी आरोप मढ़ा है। कहना था कि जब वह गांव गया ही नहीं तो स्वजनों को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी क्यों परेशान कर रहे हैं। वह स्वयं ही अपने इच्छा से क्वरंटाइन सेंटर में भर्ती हो गया था।