वृंदावन। जिले के 26 गांवों में बच्चों को ज्ञान दीदियां 27 शिक्षा केंद्रों का संचालन कर रही हैंं और बच्चों को शिक्षित कर रही हैं। गांव की ही शिक्षित बेटियां ज्ञान दीदी के रूप में अक्षय पात्र फाउंडेशन के अभय प्रकल्प के साथ जुड़कर अपने ही गांव के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। शिक्षा प्रदान करने वाली इन बेटियों को गांव के बच्चे ज्ञान दीदी कहकर पुकारते हैं।
अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा वर्ष 2018 में शुरू किए अभय प्रकल्प के तहत जिले के 26 गांवों के 27 केंद्रों से लगभग 1674 छात्र-छात्राओं को शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। मथुरा, बलदेव, गोवर्धन, मांट एवं चौमुंहा में उपचारात्मक शिक्षण कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी 30 ज्ञान दीदियां निभा रही हैं।
संस्था के कार्यक्रम संयोजक राधेश्याम ने बताया कि अभय प्रकल्प का लाभ प्रमुखता से परिषदीय विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने वाले पहली से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को मिल रहा है। केंद्र में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों के बौद्धिक, शारीरिक एवं रचनात्मक विकास के लिए नवीन शिक्षा पद्धति से पठन पाठन सामग्री का निर्माण किया गया है। पाठ्य सामग्री को सुरुचि पूर्ण बनाने के लिए खेल-खेल में शिक्षण, गतिविधि शिक्षण के साथ बच्चों को सांस्कृतिक, सामाजिक एवं नैतिक विषयों को कहानियों के माध्यम से समझाया जा रहा है।
वर्तमान में संस्था द्वारा रामताल, नारायणपुर, गौदा आट्स, बड़ी आट्स, जौनाई, भरतिया, गोपाल गढ़, तेहरा, सुनरख, जहांगीरपुर बेगमपुर, मांट राजा, छारी, मघेरा, देवीपुरा, गणेशरा, बालकपुरा, रावल, गोकुल, मुखराई, राधाकुंड, नीम गांव, गांठोली एवं सकीतरा में अभय केंद्र चल रहे हैं।
गांव के बच्चों को शिक्षित करना गौरव की बात है। अभय केंद्र के संचालन से बच्चोंं के माता-पिताओं में बच्चों की शिक्षा को लेकर जागरूकता आई है।
- मधुबाला, अभय शिक्षा केंद्र, नारायणपुर
समाज के सार्वभौमिक विकास के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण है। बच्चों को खेल-खेल में गणित, अंग्रेजी, हिंदी और नैतिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। यह अपने आप में अनूठा अनुभव है।
- पूजा शर्मा, अभय शिक्षा केंद्र, मुखराई