फरह (मथुरा)। केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने 600 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के लिए किट प्रदान कीं। जीएलए विवि, संस्कृति विवि द्वारा 100-100 किट प्रदान की गई हैं, जबकि जिला प्रशासन ने 400 किट सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से वितरित कराईं।
राज्यपाल ने जीएलए विवि के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल और संस्कृति विवि के कुलाधिपति डॉ सचिन अग्रवाल के साथ जिला प्रशासन का आभार जताया। जीएलए विवि के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने कहा कि राज्यपाल के निर्देश पर विवि ने 10 स्कूलों को गोद लिया है। विश्वविद्यालय शिक्षा के स्वरूप को आध्यात्म और आधुनिकता से ओतप्रोत व स्वावलंबी बनाने में अपना योगदान देता रहता है।
किट में ट्राई साइकिल, झूले वाले घोड़े, नंबर्स, एबीसीडी, फल, एनिमल्स, ब्लाक्स, पजल्स, बॉल, क्ले ( गोलियां बनाने के लिए), रिग्स, स्टोरी बुक्स (पंचतंत्र), एजुकेशन मैप, व्हाइट बोर्ड, डस्टर, टेबल एवं कुर्सी आदि शामिल हैं। राज्यपाल ने नौधरा से सुनीता चौधरी, नौगांव से संतोष, सातविसा से यशोदा, शिवाना से रामवती, रैपुराजाट से राधारानी, सिकंदरपुर से उर्मिला, सुरीर से ममता, अर्जुनपुरा से विमलेश को मंच पर किट वितरित कीं। इस दौरान जिलाधिकारी पुलकित खरे, एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय मौजूद रहे।
वर्षों से टूटी सड़क बनी, निदेशक ने दी बधाई
केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान में पहुंची राज्यपाल का अभिवादन करते हुए संस्थान के निदेशक मनीष कुमार चेटली ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से संस्थान तक आने वाली जो सड़क वर्षों से टूटी हुई थी वह आपके आगमन से बन गई है। इसके लिए संस्थान आपका आभारी है। निदेशक के इस कथन पर तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। उन्होंने संस्थान की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
डेढ़ घंटे देरी से पहुंचीं राज्यपाल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एक घंटा 35 मिनट की देरी से फरह पहुंची। तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यक्रम स्थल पर जमीं रहीं। यहां उनके लिए न पीने के लिए पानी था और न हवा के लिए पंखे लगाए गए थे। संस्थान की व्यवस्थाओं से प्रशासनिक अधिकारी भी नाराज नजर आए। तय कार्यक्रम से 1:35 घंटे की देरी से राज्यपाल कार्यक्रम स्थल पर दोपहर 12:35 बजे पहुंची। शाम करीब पांच बजे उनकी रवानगी आगरा के लिए हुई।