मथुरा। गंगा दशहरा का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर भक्त यमुना में स्नान करेंगे। इसके लए नगर निगम प्रशासन ने व्यवस्थाएं की हैं। इन व्यवस्थाओं का सोमवार को महापौर विनोद अग्रवाल और नगर आयुक्त अनुनय झा ने जायजा लिया। इधर, यमुना में 600 क्यूसेक और पानी छोड़ दिया गया है, जो अब 1586 क्यूसेक हो गया है।
महापौर एवं नगर आयुक्त ने स्टीमर के माध्यम से बंगाली घाट से लेकर विश्राम घाट होते हुए स्वामी घाट तक निरीक्षण किया। इस दौरान नगर आयुक्त अनुनय झा ने महापौर विनोद अग्रवाल को नगर निगम द्वारा की जा रही गंगा दशहरा की व्यवस्थाओं से अवगत कराया कि स्नानार्थियों के सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए यमुना के दोनों तरफ चैजिंग रूम बनाए गए हैं। यमुना जी की धारा में दोनों साइड बैरिकेडिंग कराई गई है। कैंप कार्यालय बनाया गया है। 12 गोताखोर एवं 20 नाव की व्यवस्था की गई है। रात्रि में प्रकाश व्यवस्था घाट किनारे एवं आसपास लगी सभी स्ट्रीट लाइट एवं हाईमास्क लाइट की सुचारू करा दिया गया है। इसके साथ ही स्टीमर के साथ पीएसी जवान तैनात रहेंगे।
वृंदावन नगर में केशीघाट पर विशेष सफाई, प्रकाश आदि समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। महापौर ने यमुना के दोनों ओर सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखने और श्रद्धालुओं के लिए शरबत की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस दौरान गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, प्रमोद बंसल, पार्षद राकेश भाटिया, धीरेंद्र कुमार सिंह सहायक नगर आयुक्त, शिवकुमार गौतम मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, एके सिंह मुख्य अभियंता सिविल, विजय नारायन मौर्य महाप्रबंधक जल, शशांक सिंह सहायक अभियंता सिविल आदि मौजूद रहे।
इस बार 10 में से 7 योग बन रहे
मथुरा। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी पर मंगलवार को गंगा दशहरा उत्सव मनाया जाएगा। धर्मशास्त्रीय मान्यता के अनुसार दशहरा पर दस योग विशेष होते हैं। ज्योतिष गणना से इस बार गंगा दशहरा पर 10 में से 7 योग विद्यमान रहेंगे। इस योग में माता गंगा, यमुना का पूजन करने से विशिष्ट फल की प्राप्ति होगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि गंगा दशहरा के नाम से जानी जाती है। इस बार गंगा दशहरा ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मंगलवार के दिन हस्त नक्षत्र सिद्धि योग, गर करण, कन्या राशि के चंद्रमा की साक्षी में आ रही है। धर्म शास्त्रीय मान्यता के अनुसार गंगा दशहरा पर मां गंगा, यमुना का पूजन की परंपरा है। उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी को गंगा का अवतार हुआ।
इसमें यह दस योग कहे गए हैं, जिसमें ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, बुधवार, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, गर करण, आनंद योग, कन्या राशि का चंद्रमा और वृषभ राशि का सूर्य है। आचार्य पंडित बनवारी लाल गौड़ ने कहा कि ज्येष्ठ शुक्ला दशमी संवत्सरमुखी मानी गई है। इसमें स्नान और दान तो विशेष करके करें। भारतीय संस्कृति में गंगा का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में भी गंगा का देव नदी कहा गया है यानी देवताओं की नदी। संवाद