मथुरा। आवास एवं विकास परिषद द्वारा अल्हैपुर आवासीय योजना के लिए अधिगृहीत भूमि को लेकर प्रभावित किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का द्वार खटखटाया है। इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन न करने की बात कही है।
परियोजना से प्रभावित किसान डॉ. आरसी शर्मा ने कहा कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद के 14 मार्च 2023 को दिए गए निर्णय पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि उक्त भूमि के अधिग्रहण के लिए उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा अधिसूचना 28 अक्तूबर 2006 को जारी की गई थी। अधिसूचना की तिथि से नया भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के आने तक न तो अवार्ड घोषित हुआ और न ही भूमि से कब्जा लिया। जमीन कब्जा कुछ किसानों के पास है। 2019 को परिषद की बोर्ड मीटिंग में किसानों से समझौते के आधार पर भूमि क्रय करने निर्णय लिया गया। इस निर्णय से 50-54 प्रतिशत भूमि क्रय की गई। शेष किसान असंतुष्ट थे। उनमें से लगभग एक दर्जन किसान उच्च न्यायालय की शरण में गए। उनकी ओर से दायर वाद पर 14 मार्च 2023 को निर्णय दिया गया कि अधिगृहीत भूमि का प्रतिकर वितरण नए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अन्तर्गत आता है और 3 माह के अन्दर अवार्ड घोषित करने के निर्देश दिए, लेकिन इस पर अब तक अमल नहीं हो पाया है।