परिवहन निगम की बसों और व्यावसायिक वाहनों में अब चालकों को अपनी सीट के आगे अपने परिवार की तस्वीर लगानी होगी। शासन ने ये निर्णय इसलिए लिया है कि सड़क हादसों में कमी आ सके। चालक लापरवाही से वाहन चलाते हैं, तो परिवार के फोटो को देखकर उनकी संवेदना जाग जाए।
लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को कम करने के लिए वाहन चालकों की संवेदना को परिवार के साथ जोड़कर हादसों में कमी लाने की पहल की जा रही है। शासन ने फैसला लिया है कि परिवहन निगम की बसों और व्यावसायिक वाहनों में चालक की सीट के सामने उसके परिवार की फोटो अवश्य रूप से लगाई जाएगी।
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इस फैसले को लेकर मकसद यह है कि गलत ड्राइविंग के दौरान परिवार की फोटो पर नजर पड़ते ही उसे अपने घर और बच्चों का ख्याल आ जाए और वह सावधानी से वाहन चलाने लगेंगे। यह फोटो वाहन के स्पीड मीटर के पास लगाई जाएगी। इससे कि चालक अगर तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाता है तो उसे रफ्तार के साथ फोटो देखकर अपने परिवार का ख्याल आ जाए और वह रफ्तार कम कर ले।
30 मार्च को जारी आदेश में सभी परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सिर्फ उसी वाहन को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया जाए जिसमें चालक के परिवार का फोटो लगा हो। एआरटीओ प्रशासन प्रदीप सिंह ने बताया कि नए आदेश के अनुसार ही वाहन को मानकों पर खरा पाते हुए फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया गया है।