मथुरा। जनपद के अभी आधा दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं युद्धग्रस्त यूक्रेन के विभिन्न शहरों में फंसे हैं। रूस की बढ़ती बमबारी और परमाणु हमले की धमकियों ने छात्रों के परिवारों को दहशत में ला दिया है। परिजनों की बेचैनी अब एक अजीव अनहोनी के भय का रूप लेती जा रही है। हालांकि परिचित लोग बच्चों के सकुशल लौटने का भरोसा दे रहे हैं। बच्चों से भी निरंतर वार्तालाप चल रहा है।
पिछले सात दिन से रूस की सेना का यूक्रेन पर हमला निरंतर चल रहा है। दिन प्रतिदिन हमले में और आक्रामकता आ रही है। आक्रमण का दायरा भी बढ़ रहा है। कई शहरों मेें रिहायसी क्षेत्र भी गोला बारूद का निशाना बनने लगे हैं। ऐसे में यूक्रेन से निकलने की कोशिश कर रहे भारतीय छात्रों के परिजन दहशत में हैं। हालांकि इसमें अनेक छात्र यूक्रेन से निकलकर पोलैंड, रोमानिया सहित अन्य पड़ोसी देशों तक पहुंच चुके हैं, लेकिन परिजनों की बेचैनी थमने का नाम नहीं ले रही है।
सौंख में पुन्नाथोक निवासी मनीष अभी भी यूक्रेन के सूमी शहर में फंसा है। मनीष ने बताया कि शहर पर फाइटर विमानों के गुजरने से सभी छात्र दहशत में आ जाते हैं। शहर में हाई अलर्ट कर दिया गया है। वह अपने साथियों के साथ बंकर में रुके हुए हैं। पिता अशोक कुमार ने उम्मीद जाहिर की है कि सरकार की मदद पुत्र को अवश्य मिलेगी। इसके अलावा लक्ष्मण, ऐनी गर्ग सहित अन्य छात्र भी विभिन्न परिस्थितियों से जूझ रहे हैं।
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सपा प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
मथुरा। समाजवादी अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष गौरव किशनपुरिया के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने यूक्रेन में फंसे भारतीयाें को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को पीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें छात्रों की वतन वापसी के लिए और आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में अनिल अग्रवाल, राजन रिजवी, भगवती चतुर्वेदी, अरुण दीक्षित, सुरेश चंद्र यादव, मंगल यादव आदि शामिल रहे। संवाद