निकाय चुनाव को लेकर मंगलवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है। यह सुनवाई ही आगामी चुनाव की स्थिति स्पष्ट करेगी। मथुरा जिले में निकायों का कार्यकाल 27 दिसंबर से खत्म होने जा रहा है। निकाय अध्यक्षों के अधिकारों पर प्रशासनिक स्तर से अलिखित ब्रेक लगा दिया गया है।
निकाय चुनाव को लेकर जनपद में न सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी बल्कि राजनीतिक पार्टियां और दावेदार तैयारियां में जुटे हुए हैं। विभिन्न दलों में दावेदारों से आवेदन ले लिए गए हैं। टिकट के दावेदारों ने भी अपनी पैरोकारी में ताकत झोंक दी है। पार्टी के दिग्गजों की निरंतर गणेश परिक्रमा की जा रही है। मंगलवार को हाईकोर्ट में होने जा रही सुनवाई पर सभी की नजर रहेगी।
शासन ने शपथ ग्रहण के बाद आयोजित पहली बोर्ड बैठक से संबंधित निकाय के कार्यकाल को समाप्त मानते हुए इसके बाद अधिशासी अधिकारियों को संपूर्ण अधिकार दिए जाने का आदेश जारी कर दिया है। इस व्यवस्था के तहत जनपद की एकमात्र नगर पालिका कोसीकलां का कार्यकाल 29 दिसंबर को पूरा हो जाएगा। यहां पहली बोर्ड बैठक 30 दिसंबर 2017 को आयोजित की गई थी।
छाता नगर पंचायत में पहली बोर्ड बैठक 28 दिसंबर, चौमुहां में 6 जनवरी 2018, नंदगांव 28 दिसंबर, बरसाना में 6 जनवरी, गोवर्धन में 27 दिसंबर, राधाकुंड में 28 दिसंबर, सौंख में एक जनवरी, फरह में पांच जनवरी, गोकुल में दो जनवरी, महावन में 30 दिसंबर, बलदेव में एक जनवरी, राया में तीन जनवरी और बाजना नगर पंचायत में 29 दिसंबर को पहली बोर्ड बैठक हुई थी।