मथुरा। नई शिक्षा नीति के तहत डाॅ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री काॅलेजों में सेमेस्टर प्रणाली लागू हो चुकी है। इस नवीन व्यवस्था के तहत जनवरी माह में प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित होनी थीं, लेकिन विश्वविद्यालय के स्तर से हो रही देरी के चलते पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद भी छात्र खाली हाथ बैठे हैं। ऐसे में काॅलेज स्तर पर अब बगैर परीक्षा के ही आगामी सेमेस्टर की क्लास शुरू करा दी हैं। इसकी शुरूआत आरसीए गर्ल्स डिग्री काॅलेज में कर दी गई है।डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्तर पर समस्याओं का मकड़जाल है। परीक्षाएं कभी समय पर नहीं होती हैं। अंकतालिकाओं का वितरण भी गंभीर समस्या रहता है। उम्मीद थी कि अब नई शिक्षा नीति से परिवर्तन होगा, लेकिन स्थिति और जटिल हो रही है। स्नातक स्तर पर प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाओं के लिए जनवरी का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन अभी परीक्षा फार्मों को लेकर ही कालेजों में मारामारी है। ऐसे में द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की कक्षाएं और परीक्षाओं में और भी देरी होगी। इस स्थिति को देखते हुए आरसीए गर्ल्स डिग्री काॅलेज ने प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी कर चुकी छात्राओं के लिए द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू करा दी हैं।
प्राचार्य डॉ. प्रीति जौहरी का कहना है कि पिछले दो माह से छात्राएं घर पर हैं। परीक्षाओं की तिथि अभी आई नहीं है। इसे देखते हुए आगामी सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू करा दी हैं। बीएसए काॅलेज के प्राचार्य डॉ. ललित मोहन शर्मा और केआर काॅलेज के प्राचार्य डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि इस दिशा में काम करने के लिए विचार किया जा रहा है।