वृंदावन। निरक्षर बुजुर्गों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू की है। प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक घर-घर जाकर ऐसे बुजुर्गों का सर्वे कर रहे हैं जोकि निरक्षर हैं। उनका रजिस्ट्रेशन कर मोहल्ला में ही क, ख, ग पढ़ाया जा रहा है।
मथुरा नगर क्षेत्र में ऐसे 86 निरक्षर बुुजुर्गों ने परीक्षा दी है। समाज में एक भी व्यक्ति निरीक्षर न हो इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा चलाए गए नया भारत साक्षर कार्यक्रम के तहत बुजुर्गों का शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए वृंदावन के सात प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षकाएं घर-घर जाकर दस्तक दे रही हैं, ऐसे बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन कर रही हैं जो कि निरक्षर हैं। इसके साथ ही मोहल्लों में ऐसे स्वयंसेवकों की तलाश की जा रही है जो कि स्वेच्छा से बुुजुर्गों को मोहल्ला में ही एक घर में शिक्षा ग्रहण करा सकें। पिछले वर्ष 80 बुजुर्गों को रजिस्ट्रेशन किया था।
खंड शिक्षा अधिकारी बुद्धसेन सिंह ने बताया कि मथुरा-वृंदावन नगर क्षेत्र में जो बुजुर्ग निरीक्षर हैं उनका घर-घर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। उन्हें मोहल्ला के किसी एक घर में प्राथमिक शिक्षा स्वयंसेवकों द्वारा दी जा रही है। उनकी परीक्षा प्राथमिक पाठशाला में रविवार को हुई, जिसमें मथुरा नगर क्षेत्र में 86 बुजुर्गों ने परीक्षा दी है।