अन्य संस्करणों के ध्यानार्थ
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श्री कृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह प्रकरण
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अमीन के साथ पुरातत्व अधिकारियों को भी भेजा जाए
- अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ने सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय की अदालत में दिया प्रार्थना पत्र
- कोर्ट ने सुनवाई के लिए २० जनवरी की लगाई तारीख
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। ईदगाह के अमीन निरीक्षण के केस में मामला २० जनवरी तक टलने के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा ने सिविल जज सीनियर डिवीजन सोनिका वर्मा की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें अमीन के साथ पुरातत्व अधिकारियों को भी भेजने की मांग की है। महासभा के कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि इससे उन साक्ष्यों के बारे में पता लग सकेगा, जिन्हें दूसरे पक्ष की ओर से छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। अदालत ने उनके प्रार्थना पत्र पर अगली सुनवाई के लिए २० जनवरी की तारीख तय की है।
सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय की अदालत ने ८ दिसंबर को हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता के दावे को दर्ज कर अमीन रिपोर्ट के आदेश किए हैं। इसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया। ईदगाह कमेटी के सचिव के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने अमीन निरीक्षण को २० जनवरी तक टालते हुए प्रार्थना पत्र का निस्तारण भी २० जनवरी को ही करने के आदेश किए। इसी अदालत में महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि ईदगाह में प्राचीन मंदिर के पत्थर, पौराणिक शिलालेख, कलाकृतियां लगी हैं। ये उलटकर लगा दिए हैं। जब भी अमीन निरीक्षण हो उनके साथ पुरातत्व विभाग के अधिकारी भी अवश्य जाने चाहिए ताकि इन सबके संबंध में जानकारी हो सके।
शिशिर के केस में हुई सुनवाई
शिशिर चतुर्वेदी के वाद में जिला जज राजीव भारती की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई। शिशिर चतुर्वेदी ने अपने वाद को सिविल जज सीनियर डिवीजन द्वितीय की अदालत से सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में स्थानांतरण करने के संबंध में जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है। उनके अधिवक्ता गोपाल खंडेलवाल ने बताया कि अदालत में हमने व प्रतिवादीगण ने अपना पक्ष रखा है। अदालत द्वारा इस संबंध में निर्णय दिया जाएगा।
आज होगी मनीष यादव केस में सुनवाई
मनीष यादव के मामले में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में बुधवार को सुनवाई होगी। अदालत में उनके मामले में ७/११ पर बहस चल रही है। मनीष ने बताया कि एक ही जैसे मामले में एक तरफ एक अदालत ने अमीन रिपोर्ट का आदेश कर दिया है तो दूसरी ओर उनके मामले में इस पर बहस ही की जा रही है। वह भी अदालत से मांग करेंगे कि इस मामले में अमीन रिपोर्ट के आदेश किए जाएं।