मथुरा। 16 दिसंबर को सूर्य भगवान धनु राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके चलते गुर्वा दित्य योग बन जाएगा। इससे विवाह आदि मांगलिक कार्य एक माह तक बंद रहेंगे। मकर संक्रांति के बाद विवाह आदि मांगलिक कार्य फिर प्रारंभ होंगे जो निरंतर शुभ मुहूर्त में 9 मार्च तक चलेंगे।
ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि 16 दिसंबर को सुबह 9 : 58 बजे भगवान सूर्यनारायण धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इससे गुर्वादित्य योग बनने से मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। विवाह आदि मांगलिक कार्यों पर यह बंदी एक माह तक रहेगी। धनु संक्रांति एवं खरमास का प्रारंभ हो जाएगा।
इसी के साथ सूर्य भगवान की रश्मियां मंद पड़ने लगेंगी और एक-एक मिनट दिन छोटा होता जाएगा और रात बड़ी। 18 दिसंबर से 25 दिसंबर तक सिर्फ 10 घंटा 16 मिनट तक ही सूर्य भगवान को लोग देख सकेंगे। २४ दिसंबर को रात सबसे बड़ी 13 घंटा 44 मिनट की रहेगी। इसके बाद 25, 26 दिसंबर से एक-एक मिनट कर के दिन बड़ा होता जाएगा और रात छोटी होती जाएंगी। सूर्य की किरणें मंद पड़ने से धुंध, कोहरा, पाला पड़ेगा और सर्द हवाएं चलेंगी।
कैसे बनता है गुर्वादित्य योग
बृहस्पति के धनु राशि और मीन में सूर्य के पहुंचने पर गुर्वादित्य योग बनता है। प्रतिवर्ष धनु और मीन संक्रांति में गुर्वादित्य योग बनता है। वर्तमान में 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक यह योग है। इसमें विवाह आदि मांगलिक कार्य बंद रहेंगे। बृहस्पति 12 वर्ष में सूर्य के क्षेत्र सिंह राशि में पहुंचते हैं तब सिंहस्थ बृहस्पति होने पर 1 वर्ष के लिए मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं। उस समय नासिक एवं उज्जैन में कुंभ पड़ता है। सिंहस्थ गुरु 26 जून 2027 से 24 जुलाई 2028 तक रहेंगे। इस दौरान 1 वर्ष के लिए विवाह आदि मांगलिक कार्य बंद रहेंगे।