उत्तर प्रदेश के मथुरा में रविवार की रात रिफाइनरी क्षेत्र में टॉवर संख्या पांच के पास एक ड्रोन उड़ता दिखाई दिया। कुछ ही देर में वह नीचे गिर गया। तैनात सुरक्षाकर्मी व मौजूद लोगों ने देखा तो भागकर पहुंचे। जांच के बाद पता चला कि यह ड्रोन शादी समारोहो में वीडियोग्राफी करने के लिए उपयोग होने वाला ड्रोन है।
पुलिस ने अंदेशा जताया है कि किसी समारोह में इससे वीडियोग्राफी की जा रही होगी। उसी दौरान अधिक ऊंचाई पकड़ने के बाद ड्रोन रिमोट के कंट्रोल से बाहर हुआ और वह रिफाइनरी में जा गिरा। हालांकि अग्रिम जांच के लिए बृहस्पतिवार को इसे आगरा एफएसएल के फॉरेंसिक विभाग में भेजा जाएगा।
मामले में रिपोर्ट दर्ज
इधर, इलाके में रविवार रात हुए आयोजनों में वीडियो-फोटोग्राफी करने वालों की भी जांच शुरू कर दी गई है। इंस्पेक्टर कुलवीर सिंह ने बताया कि ड्रोन के संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। ड्रोन वहां कैसे पहुंचा और वह किसका है, इसकी जांच की जा रही है। अब तक की जांच में ड्रोन को बेहद कम गुणवत्ता का पाया गया है। कई विशेषज्ञों से राय लेने पर पता लगा है कि इस प्रकार की गुणवत्ता वाले ड्रोन का इस्तेमाल शादी-समारोह में वीडियोग्राफी के लिए किया जाता है।
यह है पूरा मामला
25 फरवरी की रात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के आरक्षक जीडी शामला वॉच टावर संख्या 6 पर थे। रात करीब 9:20 वॉच टावर नंबर 5-6 के बीच अचानक उन्होंने कुछ गिरने की आवाज सुनी। मौके पर जाकर देखा तो वहां एक संदिग्ध ड्रोन जमीन पर पड़ा मिला। उन्होंने इस मामले में रिफाइनरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।