मथुरा। जलनिकासी की समस्या से जूझ रहे मथुरा को इससे निजात दिलाने की अब नए सिरे से योजना बनाई जा रही है। इसके लिए वर्तमान नालों की स्थिति और भविष्य की आवश्यकता को ध्यान में रख डीपीआर बनाने का फैसला किया गया है। साथ ही मौजूदा नालों की डी प्लीमिंग कराए जाने का भी महापौर विनोद अग्रवाल ने निर्णय लिया है।
बरसात के दौरान शहर में जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है। जल निकासी के पर्याप्त इंतजामों का अभाव इस समस्या को और भी गंभीर बनाए है। इसमें से कई ऐसे प्वाइंट भी हैं जो शहर को कई हिस्सों में बांट देते हैं। अनेक कॉलोनियां निचले स्थान पर होने के कारण गंभीर संकट से जूझती हैं। पिछले तीन दिन से हो रही बरसात इस स्थिति को और गंभीर बनाए हुए हैं। इसे देखते हुए जलभराव की समस्या से निपटने के लिए आगामी सीजन को लेकर नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
महापौर विनोद अग्रवाल ने बताया कि बरसात के अगले सीजन में यह स्थिति फिर उत्पन्न न हो इसके लिए अभी से तैयारी की जाएगी। नए सिरे से नालों की डीपीआर बनाई जाएगी। वर्तमान में प्रमुख नालों की लंबाई 13.5 किलोमीटर है। इसमें कुछ पक्के तो कुछ कच्चे नाले भी हैं।
दोनों पुल के नीचे जलभराव से निपटने के लिए मसानी और मुर्गा फाटक तक पाइप लाइन बिछाने की योजना है। कई स्थानों पर नालों पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इन्हें हटाते हुए नालों को चौड़ा किया जाएगा। इसके साथ ही वर्तमान नालों को व्यवस्थित करने के लिए डी प्लीमिंग का भी फैसला गया गया है। इस तकनीकी से नालों की लेवलिंग की जाएगी। जहां नाले छोटे हैं उन्हें चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए अभी से कार्य योजना तैयार करते हुए जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैंं।