मथुरा। सारथी परिवार के तीन दिवसीय काव्य महाकुंभ में देशभर से 300 से अधिक कवियों ने भाग लिया। समापन सम्मान समारोह में कवियों व कलाकारों ने प्रस्तुति से मन मोह लिया। हास्य कवि शम्भू शिखर को सारथी राष्ट्रीय काव्यश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया।
खंडेलवाल सेवा सदन में आयोजित तीन दिवसीय काव्य महाकुंभ में महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़ आदि से तीन सौ से अधिक कवियों ने भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय हास्य कवि शम्भू शिखर ने ‘वायदा जो करो उसे तो इतना ना निभाना, भूल से भी पत्नी को एसडीएम मत बनाना...’ के अलावा जब तक खाते में 15 लाख नहीं आते, तब तक मोदी जी तुम्हें प्रधान मंत्री बनाते रहेंगे..प्रस्तुत कर खूब तालियां बंटोरीं।
दमदार बनारसी ने ‘मेरी जुस्तजू ने पाया, संतों-सखी में रावण, किसको बुरा कहूं मैं, जब मुझी में है रावण, दामन बचाए बैठी हर गली में सीता, अब तो दिखाई देता है हर आदमी में रावण’ प्रस्तुत कर वाही-वाही लूटी। दीपक शुक्ला दनादन भोपाल ने ‘बचपन में थी चड्डी ढीली, चड्डी पकड़ कबड्डी खेली...’ से समा बांध दिया। पूर्व सांसद ओमपाल सिंह निडर ने ‘कर सपना साकार अवध कर, मथुरा-काशी जाएंगे’ की प्रस्तुति दी।
बाल कवयित्री गूगल गर्ल दिशा नायक मप्र, भरत खंडेलवाल दिल्ली, बाल कवि शौर्य डबास, संतोष शर्मा, राकेश हैरत भोपाल, वीणा खुशबू दतिया, कामता माखन रीवा, अमित चितवन ग्वालियर, वीरेन्द्र झा डबरा, रोहित राकेश बरेली, राम राहुल टूंडला, पदम अलबेला हाथरस, उन्नति भारद्वाज एटा, शिवम कुमार आजाद सिकन्दराऊ, अनिल बेधड़क शिकोहाबाद, प्रियंका गुप्ता छत्तीसगढ़, मनोज दुबे इन्दौर, प्रियंका मिश्रा कटनी, मनीष मधुकर दिल्ली पुलिस सहित तीन सौ से अधिक कवियों ने काव्य पाठ किया। हास्य कवि शम्भू शिखर को सारथी राष्ट्रीय काव्यश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। संत गोविंदानंद तीर्थ महाराज, डॉ. अशोक अग्रवाल, दीपक गोयल, उमेश चंद गर्ग, पुनीत वार्ष्णेय, वीरेंद्र गोयल, अजय शर्मा, संगीता खन्ना, राकेश कुमार उपस्थित रहे। मफतलाल अग्रवाल ने आभार दिया।