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Mathura: डीएम ने मनरेगा में भ्रष्टाचार करने पर प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार छीने, मुकदमा दर्ज

Mon, 10 Apr 2023 11:46 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में प्रधान द्वारा मनरेगा में भ्रष्टाचार करने का मामला सामने आया है। जांच में प्रधान, तत्कालीन सचिव एवं तकनीकी सहायक को दोषी पाया गया। इस पर डीएम ने प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार छीन लिए।
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मथुरा में मनरेगा में भ्रष्टाचार - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मथुरा में जिला कलेक्टर ने मनरेगा में भ्रष्टाचार के आरोपी नौहझील ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिरजूगढ़ी के प्रधान अशोक कुमार के तमाम वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारी सीज कर दिए हैं। प्रधान सहित तीन लोगों के खिलाफ एक अप्रैल को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 (मनरेगा) एवं धरा 420 के तहत थाना नौहझील में मुकदमा दर्ज किया गया था।

जांच में प्रधान, तत्कालीन सचिव मिले दोषी

गांव के ही देवदत्त, अमरपाल, नेम सिंह, सुरेश कुमार और मनीराम ने प्रधान के खिलाफ मनरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। जांच में प्रधान, तत्कालीन सचिव एवं तकनीकी सहायक को दोषी पाया गया। जांच के आधार पर थाना नौहझील में तीनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया धा। प्राथमिक विद्यालय बिरजूगढ़ी के प्रधानाध्यापक बलवीर सिंह ने आठ फरवरी 2022 को पत्र के माध्यम से बताया कि विद्यालय प्रांगण में 30 ट्रॉली मिट्टी 14500 रुपयों में डलवाई गई थी। 

लाखों रुपये का किया गया दुरुपयोग

मौके पर जांच की गई इसमें गड़बड़ी पाई गई। ग्राम प्रधान ने जो दस्तावेज उपलब्ध कराए थे, उनमें मिट्टी डलवाने का खर्च 66226 रुपये बताया। इस प्रकार 51726 रुपये का दुरुपयोग किया गया। इस मामले में भी प्रधान अशोक कुमार, वर्तमान सचिव धीरेंद्रपाल सिंह संयुक्त रूप से दोषी पाए गए। डीएम ने पद का दुरुपयोग करने के लिए प्रधान अशोक कुमार के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया। अब इस प्रकरण की अंतिम जांच लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड, मथुरा के अधिशासी अभियंता करेंगे।

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