मथुरा। जीवा आश्रम की जमीन पर 7 अक्तूबर को कटे 50 पेड़ों के मामले में एनजीटी ने प्रदेश सरकार, डीएम, एसएसपी, मुख्य डीएफओ तथा वन संरक्षक उत्तर प्रदेश को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी के नोटिसों को प्रतिवादियों के अधिवक्ताओं ने स्वीकार कर लिया है। साथ ही सुनवाई की तारीख 10 फरवरी तय की है।
वृंदावन में 7 अक्तूबर की रात हरिदास गोशाला के पास जीवा आश्रम की जमीन पर लगे 50 पेड़ों को बिना अनुमति के काटा गया था। इस मामले में पर्यावरण प्रेमी दिल्ली निवासी उदयभान ने एनजीटी में 7 बिंदुओं की याचिका दायर की थी। सोमवार को एनजीटी में याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बहस के दौरान कहा कि वृंदावन और ब्रज के समस्त बाग-बगीचों का एक डाटाबेस सरकार को रखना चाहिए तथा ब्रज के प्रत्येक पेड़ की नंबरिंग करके उनको एक यूनिक आइडेंटिटी फिकेशन नंबर (विशेष पहचान संख्या) प्रदान की जानी चाहिए।
उनकी समय-समय पर मॉनिटरिंग भी होनी चाहिए, ताकि भविष्य में पेड़ काटने की पुनरावृत्ति न हो। एक प्रिवेंटिव अप्रोच के लिए सरकार को निर्देशित किया जाना चाहिए। इस पर एनजीटी ने उत्तर प्रदेश सरकार, जिलाधिकारी मथुरा, मुख्य वन संरक्षक उत्तर प्रदेश, डीएफओ मथुरा तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा को नोटिस जारी किए। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि यह आदेश ओरिजनल एप्लिकेशन नंबर-1246/2024 की सुनवाई के दौरान एनजीटी ने दिया है।