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Mathura News: भव्य बांकेबिहारी कॉरिडोर के सामने मैली यमुना

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वृंदावन (मथुरा)। हाईकोर्ट द्वारा बांकेबिहारी कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता साफ हो जाने के बाद मंदिर कॉरिडोर को यमुना से सीधे जोड़ने की प्रस्तावित योजना पर कार्य किया जाएगा, लेकिन वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र यमुना बदहाल है।
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वृंदावन के नाले और कोसी ड्रेन सीधे यमुना में गिर रही है, जिससे पतितपावनी यमुना और मैली हो रही है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 505 करोड़ रुपये से 5.65 एकड़ में भव्य बांकेबिहारी कॉरिडोर बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार कॉरिडोर को श्रीकृष्ण की पटरानी यमुना से जोड़ा जाएगा। ताकि मंदिर से श्रद्धालुओं को यमुना महारानी के भी दर्शन संभव हो सकें, लेकिन यमुना में पिछले कई दशक से सीधे गिर रहे नाले बंद नहीं हुए।
न ही कोसी ड्रेन में आ रहा उद्योगों का कैमिकल युक्त पानी को यमुना में गिरने से रोका गया। नतीजतन यमुना दूषित होती जा रही है। काबिलेगौर बात यह है कि नगर में सीवर की सफाई न होने पाने के कारण सीवर के दूषित पानी को पंप मशीन द्वारा बाइपास कर नालों में डाला जा रहा है, जो कि सीधे यमुना में जा रहा है।
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यमुना रक्षक दल के नगर अध्यक्ष श्रीदास प्रजापति ने बताया कि वराह घाट से लेकर पानीगांव के पक्के पुल तक वृंदावन के एक दर्जन से अधिक नाले सीधे यमुना में जा रहे हैं। इतना हीं नहीं सीवर का दूषित पानी भी नालों से यमुना में छोड़ा जा रहा है। इसे लेकर कई बार आंदोलन हुए। आंदोलन के दौरान नगर निगम ने नालों को यमुना में जाने से कुछ ही दिन रोका, लेकिन फिर से नालों का दूषित पानी यमुना में डाला जा रहा है। यमुना किनारे भवनों का मलबा डाला जा रहा है, जिससे यमुना किनारा ऊंचा होता जा रहा है और यमुना की धारा वृंदावन में दूर होती जा रही है। इसे लेकर जल्द ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा ताकि भव्य बांकेबिहारी कॉरिडोर बनने के साथ ही यमुना जल भी भी निर्मल होना चाहिए, जिससे भक्तजन आचमन कर सकें।
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