मथुरा। जिस युवक का हाथ थाम अग्नि को साक्षी मान रेखा ने सात जन्म सात जीने-मरने की कसमें खाईं, उसी ने रेखा को जिंदगी की बीच मझधार में छोड़ दिया। पति वियोग का गम ऐसा लगा कि तिल-तिल बीमार हुई और रविवार रात को दम तोड़ दिया। मायके वालों ने मौत की खबर दी, मगर फिर भी पति, रेखा के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देने तक नहीं आया। छोटे भाई ने मुखाग्नि दी।
रेखा (31) पुत्री लक्ष्मीनारायण निवासी मंडी रामदास, गोविंद नगर की शादी 2019 में विनोद निवासी आजई, जैंत के साथ हुई थी। पिता लक्ष्मीनारायण के अनुसार विनोद के विषय में उसके परिजनों ने बताया था कि वह प्राइवेट कंपनी में बड़े पद पर नौकरी करता है, मगर शादी के बाद राजफाश हुआ कि विनोद बेरोजगार है।
विनोद को रेखा ने काम-धंधा करने को कहा तो वह पांच लाख रुपये मायके वालों से दिलाने की मांग करने लगा। बेटी ने मना किया तो उसकी पिटाई की जाने लगी। इसी बीच 2020 में बेटी ने एक पुत्री को जन्म दिया। इस पर विनोद ने उसे घर से निकाल दिया। ढाई साल से रेखा मायके में रह रही थी। विनोद पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया।
परिजनों के अनुसार पति वियोग में वह बीमार रहने लगी। मथुरा सहित अन्य जिलों के डॉक्टरों से उपचार कराया, मगर हालत ठीक नहीं हुई। रविवार रात को रेखा की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इधर, विनोद व उसके परिजनों को सूचना दी गई, मगर विनोद नहीं आया। उसके पिता ही अंतिम संस्कार में आए। मजबूरन छोटे बेटे आकाश ने अपनी इकलौती बहन रेखा को मुखाग्नि दी।