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Mathura News: बिहारीजी के दर पर उमड़े श्रद्धालु, धरे रह गए इंतजाम

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वृंदावन (मथुरा)। बांकेबिहारी मंदिर में आराध्य के दर्शन के लिए रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। धक्का-मुक्की के बीच घंटे भर से अधिक समय लगा तब जाकर प्रभु के दर्शन हो सके। इस दौरान पुलिस द्वारा भीड़ नियंत्रित करने के सारे इंतजाम धरे रह गए। भीड़ में फंसकर बच्चे चीखते नजर आए। बुजुर्गों-महिलाओं को सांस लेने में भी दिक्कत हुई। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, रविवार को 7 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के दर्शन किए।
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क्रिसमस की छुट्टी व नववर्ष से पूर्व के दर्शन की चाहत के कारण रविवार को बड़ी संख्या में भक्त बांकेबिहारी के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह पौने नौ बजे पट खुलने से पहले ही श्रद्धालु मंदिर के गेट पर जुटने लगे। बांकेबिहारी मंदिर के पट खुलने तक मंदिर के प्रवेश द्वार 2 और 3 से लेकर विद्यापीठ चौराहा की तरफ और जुगलघाट की ओर श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई।

मंदिर की गलियों में भीड़ का दबाव में बच्चे रोने लगे। लोग एक-दूसरे का सहारा लेते हुए और दीवार के सहारे खड़े होकर भीड़ दबाव से बचने की कोशिश करते दिखे। यही हाल शाम को देखने को मिला। शाम को भी पट खुलने से पहले ही दर्शन के लिए काफी समय पहले लाइन में लग गए। रात में मंदिर के पट बंद होने तक श्रद्धालुओं के बीच पहले आराध्य के दर्शन के पाने के उत्साह और भीड़ के दबाव के कारण आपाधापी सी मची रही।
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बांकेबिहारी मंदिर के सह प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया कि रविवार को दिनभर में लगभग सात लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। मंदिर में किसी तरह की घटना न हो इसके लिए निजी गार्डों की संख्या 56 से बढ़ाकर 117 कर दी गई है। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए 30 एग्जॉस्ट फैन भी लगाए गए हैैं।

दिल्ली के पंकज चावला ने बताया कि ठाकुर बांकेबिहारी के रास्ते में भीड़ के अधिक होने के कारण विद्यापीठ चौराहा से गेट में घुसने से लेकर मंदिर तक पहुंचने में खासी दिक्कत हुई। मंदिर तक पहुंचने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लग गया। जिससे उनकी छह साल की बेटी रिंकी और नौ साल का बेटा शुभम की तो दबाव के कारण कई बार चीख भी निकल गई।
वहीं ग्वालियर के मनोज वर्मा ने बताया कि श्री बांकेबिहारी के दर्शन के लिए वह अक्सर आते रहते हैं, लेकिन जगह-जगह रुकावट के कारण अधिक पैदल चलना पड़ रहा है। घंटों में चलने और इंतजार के बाद ठाकुरजी के दर्शन हो सके। पुलिस का जगह-जगह रोेकने से अव्यवस्था और फैलती है।









जाम से श्रद्धालुओं के छूटे पसीने

वृंदावन। नगर के प्रवेश मार्गों पर बाहरी वाहनों के कारण रविवार को दिनभर जाम के हालात बने रहे। वाहनों की लंबी कतार के कारण ठंड में भी श्रद्धालुओं के पसीने छूट गए। वहीं स्थानीय लोग घरों में कैद होकर रह गए। इस कारण लोगों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। सुबह से ही पागल बाबा मंदिर तिराहा, अटल्ला चुंगी, छटीकरा मार्ग स्थित मल्टीलेबल पार्किंग, प्रेम मंदिर के सामने, रमणरेती चौराहे, रमणरेती पुलिस चौकी से लेकर हरिनिकुंज चौराहे तक जाम के हालात बने रहे। वहीं हरिनिकुंज चौराहे, विद्यापीठ चौराहे, गांधी मार्ग, गौतमपाड़ा तिराहे, नगर निगम चौराहे, धनीराम तिराहे, सीएफसी चौराहे, वनखंडी तिराहे पर भी दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।

किशोरपुरा क्षेत्र में लगे जाम के कारण स्थानीय लोग और श्रद्धालु छोटी-छोटी गलियों में होकर निकलते दिखे। बिहारीपुरा, गौतमपाड़ा, मनीपाड़ा, अहीरपाड़ा दुसायत, राधामोहन घेरा में भीड़ और जाम के कारण लोग घरों में कैद होकर रह गए। गौतमपाड़ा निवासी राजेश गौतम, सोहन लाल ने बताया कि कोरोना से पहले शनिवार और रविवार को भीड़ और जाम के कारण लोग घरों में कैद हो जाते थे, लेकिन अब सातों दिन की हालत एक जैसे हैं। अब लोगों का घरों से निकलना दुश्वार हो गया है। सामान लेने के लिए बाजार जाने के लिए भी 100 बार सोचना पड़ता है। घरों को जाने के लिए भी पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई।

सीओ सदर प्रवीण मलिक ने बताया कि वृंदावन की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात है। लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं, फिर भी व्यवस्था को बनाने का प्रयास किया जा रहा है। भीड़ को देखते हुए स्थानीय लोगों को भी विद्यापीठ गेट से उनके घराें तक जाने के लिए प्रवेश नहीं दिया गया।
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