बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ के बीच में पहुंचते ही कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ जाती है। डॉक्टर ने बताया कि ऐसा इसलिए भी हो रहा है क्योंकि श्रद्धालु खाली पेट दर्शन करने के लिए लाइन में लग जाते हैं। गर्मी में खाना खाकर आएं और पानी की कमी न होने दें।
वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ के बीच भूखे पेट और अस्वस्थ होने पर भी श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं, जिससे भीड़ के दबाव और गर्मी से उनकी हालत बिगड़ रही है। पिछले एक माह में 106 श्रद्धालुओं की तबीयत खराब हुई, जबकि मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा की दृष्टि से कई बार एडवाइजरी जारी कर खाली पेट और भीड़ में अस्वस्थ भक्तों को न आने को कहा है।
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बांकेबिहारी मंदिर में मार्च माह में देशभर से दर्शन करने लाखों श्रद्धालुओं में से 106 श्रद्धालुओं की भीड़ के दबाव के बीच तबीयत खराब हुई, जबकि 18 मार्च को मुंबई के एक श्रद्धालु सुनील पिशोरी लाल की मौत हो चुकी है। मंदिर के प्रबंधक प्रशासन मुनीश कुमार शर्मा ने भी कई बार श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी जारी की थी। स्पष्ट कहा गया कि कि खाली पेट, ह्रदय, श्वास के मरीज, वृद्ध एवं बच्चे भीड़ में न आएं। इसके बावजूद श्रद्धालु आस्था के नाम पर अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सेवा के लिए तैनात डॉक्टर शक्ति सिंह ने बताया कि बांकेबिहारी महाराज के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। अक्सर देखा जाता है कि खाली पेट और पहले से ही बीमार, वृद्ध श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिनकी भीड़ के दबाव और गर्मी के कारण तबीयत खराब होने की आशंका बनी रहती है। कमजोर, बीमार और खाली पेट श्रद्धालुओं को भीड़ में नहीं आना चाहिए।
डॉ. शक्ति सिंह ने बताया कि गर्मी में खाना खाकर आएं और पानी की कमी न होने दें। यदि श्रद्धालुओं को चक्कर आते हैं तो भीड़ से बाहर निकल कर कुछ समय बैठें और पानी पीएं। राहत मिलने पर ही मंदिर आएं। स्वास्थ्य की दृष्टि से भीड़ अधिक होने पर श्रद्धालु दर्शन करने न आएं।