वृंदावन। यहां रहकर कृष्ण भक्ति में लीन एक मां ने अंतिम सांस ली। यह खबर जब जेल में बंद उसकी बेटी को हुई तो वह विचलित हो उठी और जेल प्रशासन के आग्रह के बाद मिली पैरोल लेकर मां को मुखाग्नि दी। बंगाल के रहने वाले जैंत मुखर्जी बैंक में मैनेजर थे। उनकी मृत्यु होने के बाद पत्नी कल्पना (65) वृंदावन श्याम कुटी काॅलोनी में बृजनंदन के मकान की ऊपरी मंजिल में किराए पर रहने लगी। गत दिनों उनका देहांत हो गया। इसकी खबर मकान मालिक ने बेटी विश्वेश्वरी को दी। वह पिता की मृत्यु के बाद अनुकम्पा पर बैंक में नौकरी कर रही थी तथा किसी मामले में तिहाड़ जेल में बंद थी। सूचना मिलने पर बेटी ने जेल प्रशासन से पैरोल की मांग की जोकि मिल गई। पुलिसकर्मियों के घेरे में वह यहां पहुंची और नम आंखों से मां के अंतिम दर्शन किए। बताया जाता है कि मकान मालिक ने धेवते को भी इसकी खबर दी थी, लेकिन उसने आने से इन्कार कर दिया।