सिद्धक्षेत्र चौरासी में राष्ट्रसंत श्रमण मुनिश्री विहर्ष सागर का 46वां जन्म (अवतरण) दिवस धूमधाम से संपन्न हो गया। इसमें 46 व्यक्तियों ने सामूहिक आरती, 46 ने सामूहिक पाद प्रक्षालन और 46 किलो का लड्डू समर्पित कर अपने भाव प्रकट किए।
मुख्य अतिथि सांसद हेमामालिनी ने मूलकनायक अजितनाथ, जम्बूस्वामी, गणाचार्य विरागसागर के चित्र का अनावरण और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद मंगलाचरण छात्र चेतन जैन और नीतेश जैन ने किया। एसआरके ग्रुप ने नाट्य प्रस्तुति दी।
हेमा मालिनी ने गुरु के प्रति आत्मीय भाव को प्रगट कर राष्ट्रसंत श्रमण मुनिश्री विहर्ष सागर को 46वें अवतरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गुरुजी के आशीर्वाद से ब्रज क्षेत्र का विकास कार्य होता रहेगा।
मुनि विहर्षसागर ने कहा कि हमें तीन मां की आवश्यकता होती है। बचपन में जन्म देने वाली मां, जवानी में महात्मा और बुढ़ापे में परमात्मा। अगर सही समय पर तीनों मिल जाएं तो जीवन धन्य है।
सोमवार को सुबह से ही सिद्धक्षेत्र परिसर मुनि विहर्ष सागर के जय-जयकारों से गुंजायमान हो रहा था। सर्वप्रथम धार्मिक अनुष्ठान के साथ श्रीविषयापहार विधान का आयोजन किया गया। इसके बाद भगवान जंबूस्वामी का प्रथम कलशाभिषेक किया गया।
इस अवसर पर आरपी जैन, वीरेन्द्र जैन, डा. हार्दिक जैन, संजय जैन, पीयूष जैन के साथ विभिन्न प्रदेशों से आए श्रद्धालुओं ने श्रीजम्बूस्वामी का महामस्तकाभिषेक किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्धक्षेत्र के अध्यक्ष सेठ विजय कुमार जैन ने की। सुभाषचंद्र जैन, डा. एसके जैन, डा. एके जैन, डा. जयप्रकाश जैन, अमरकांत और श्रमण ज्ञान भारती के समस्त छात्रों का सहयोग रहा।