धर्मनगरी की सड़कों पर मनचलों का बोलबाला है। पुलिस की निष्क्रियता के चलते सड़कों और बाजारों में महिलाओं और युवतियों का निकलना दूभर हो गया है। नगर की आधी आबादी घर से बाहर निकलने में घबराने लगी है।
शुक्रवार की सुबह सेवाकुंज गली में कुछ मनचलों ने राधा दामोदर मंदिर और सेवाकुंज की ओर जाती महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ कर दी। कुछ महिलाओं ने हिम्मत दिखाकर बांकेबिहारी पुलिस चौकी मौखिक शिकायत की, लेकिन पुलिस ने आश्वासन देकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। इधर गुरुवार की देर शाम ट्यूशन से घर लौट रहीं छात्राओं के साथ सीएफसी चौराहे पर और गौरा नगर की पुलिया पर मनचलों ने छेड़छाड़ कर दी थी। शिकायत के बाद भी मथुरा गेट पुलिस ने मौके पर जाना मुनासिब नहीं समझा। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से नगर की महिलाएं और छात्राएं दहशत में हैं।
बता दें कि इसी साल जनवरी महीने में नगर की एक कालोनी में रहने वाली किशोरी से घर पर पड़ोसी युवक छेड़छाड़ कर दी थी। मामले में पुलिस ने लीपापोती कर युवक को छोड़ दिया। परिक्रमा मार्ग में भी विदेशी महिला के साथ छेड़छाड़ हुई। कालेज से घर जाती शिक्षिका को गौतम पाड़ा में एक युवक ने जबरन पकड़कर बदसलूकी की। इस मामले को भी पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। सबसे खौफनाक घटना 23 फरवरी की है। जब वृंदावन के समीपवर्ती गांव के पास निजी कालोनी में रहने वाली इंटरमीडिएट की छात्रा ने दो युवकों की छेड़छाड़ से तंग आकर आत्मदाह कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने मनचलों के खिलाफ अभियान भी चलाए लेकिन समय बीतने के साथ ढिलाई दे दी।