नगर के परिक्रमा मार्ग स्थित गऊ घाट क्षेत्र निवासी विवाहिता का शव फांसी के फंदे पर झूलता मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मूल रूप से पश्चिम बंगाल के कोलकाता निवासी हर्षित अपनी पत्नी गंगा के साथ पांच साल पहले शादी कर परिक्रमा मार्ग के गऊघाट स्थित मकान में किराए पर रह रहे थे।
शुक्रवार शाम करीब छह बजे पड़ोसियों ने कमरे से गंगा की डेढ़ वर्ष की बच्ची के रोने की आवाज सुनी। खटखटाने के बाद काफी देर दरवाजा नहीं खुला तो लोगाें ने खिड़की से झांककर देखा। कमरे के पंखे से साड़ी के फंदे पर गंगा लटकी थी। मृतका के पैर बेड से लगे हुए थे। लोगों ने इसकी जानकारी मकान मालिक को दी।
मकान मालिक लोगों की सहायता से कमरे के दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर पहुंचे। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा। मकान मालिक की सूचना पर हर्षित पहुंचा। हर्षित के अनुसार उसकी एक और पत्नी है जिससे तीन बच्चे भी हैं। लोगों ने बताया कि परिक्रमा मार्ग में स्थित संत कालोनी रह रही दूसरी पत्नी को लेकर हर्षित और गंगा के बीच आए दिन झगड़ा होता था।
हर्षित बीते दो दिन से घर भी नहीं आया था। शुक्रवार दोपहर को गंगा के कई बार फोन करने के बाद जब हर्षित आया तो पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। इसके बाद हर्षित घर से चला गया और इधर गंगा का शव फांसी के फंदे पर झूलता मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया। पुलिस ने हर्षित को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं लोगों का कहना है कि गंगा ने भी किसी अन्य व्यक्ति से शादी कर ली थी जिसे लेकर हर्षित और गंगा के बीच झगड़ा रहता था।
घटनास्थल की अलग कहानी
गऊघाट पर कमरे में गंगा की मौत को पुलिस आत्महत्या मान रही है लेकिन हालात कुछ और ही बयां कर रहे थे। पुलिस के अनुसार कमरे में डबल बेड के ऊपर ही पंखे से साड़ी का फंदा बनाकर गंगा ने आत्महत्या कर ली। जबकि अगर कोई बेड पर खड़ा हो तो उसका सिर से पंखे तक आसानी से पहुंच सकता है। पुलिस ने बताया कि शव पंखे से लटका था और महिला के दोनों पैर बेड पर मुडे़ हुए थे। इससे मामला संदिग्ध भी लगता है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही लोगों ने दरवाजा खोल रखा था। यह भी जांच का विषय है।