टटलुओं की लूटपाट और अन्य आपराधिक वारदातों के कारण देश भर में बदनाम हो रहे गांव हाथिया की साख को बचाने के लिए ग्रामीण खुद आगे आए हैं। उन्होंने जरैला नगला में एक बैरियर लगा कर हाथिया जाने वाले बाहरी लोगों को रोककर पूछना शुरू कर दिया है कि वे किससे और किस सिलसिले में मिलने आए हैं। साथ ही उन्हें टटलुओं की ठगी और लूट की घटनाओं की जानकारी देते हुए सचेत रहने को कहा जा रहा है। ग्रामीण आगे आए तो पुलिस भी सक्रिय हो गई है। बुधवार को चौक पर पुलिस पिकेट भी नजर आई।
गांव जरैला नगला हाथिया ग्राम पंचायत का ही मजरा है। पूर्व प्रधान मोहम्मद इस्लाम ने कहा कि गांव के सभी लोगों ने घटनाओं से तंग आकर यह निर्णय लिया है। हाथिया निवासी फजरी ने बताया कि गांव की बदनामी के कारण हमें अपने बच्चों की शादियां करने में भी कठिनाई हो रही है।
रहीसन ने बताया अक्सर रात में जंगल में व्यापारियों की चीखें सुनाई देती है। टटलू उन्हें लूटने के बाद व्यापारियों बंधक बनाकर मारते-पीटते हैं। पुलिस ने तो नंदगांव से हाथिया के बीच टटलुओं से सचेत रहने के संदेश वाला बोर्ड तक नहीं लगाया है। जरैला नगला निवासी मोहम्मद असरू ने बताया कि रात को पुलिस यहां गश्त नहीं करती है।
इसलिए गांव के लोगों ने निर्णय लिया है कि वे सिविल पुलिसिंग कर व्यापारियों को बचाएंगे। मंगलवार सुबह सैकड़ों ग्रामीणों ने बैरियर लगा कर गाड़ियों को रोकना शुरू कर दिया। क्रांतिदल के मोहम्मद रज्जाक ने कहा कि जब तक लूटपाट नहीं रुकेगी तब तक हम बैरियर लगा कर बाहरी व्यक्तियों को बिना पूछताछ के हाथिया में नहीं जाने देंगे।
टटलुओं से बचाव और जागरूकता के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इलाके के संभ्रांत लोग भी जागरूकता फैलाकर लोगों को लुटने से बचाने के प्रयास कर रहे हैं। लोगों की इस सिविल पुलिसिंग को हम स्वीकार करते हैं। यह अच्छी बात है।
- अरुण कुमार सिंह, एसपी देहात
इसलिए बदनाम है गांव
पहले यहां के टटलू खोदाई में सोने की ईंट निकलने और उसे बेचने के नाम पर फोन कर लोगों को मथुरा बुलाते थे, उन्हें नकली ईंट थमा देते थे। बाद में वह इन्हें बुलाकर लूटने लगे। इसके बाद स्क्रैप बेचने के नाम पर दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, कोलकाता, तमिलनाडु तक व्यापारियों को बुलाकर लूटा।
जेनरेटर और टावर लगवाने के नाम पर लूटा। कई मामलों में तो व्यापारियों का अपहरण कर लिया और उनके परिवारीजनों से फिरौती वसूली। कुछ कंपनियों मार्केटिंग अधिकारियों व इंजीनियरों को कंपनी के प्रोडक्ट खरीदने का झांसा देकर बुलाया और लूट लिया।
पुलिस बचती है गांव में जाने से
इस गांव में पुलिस पर भी हमले होते रहे हैं। हथियारों की तस्करी के मामले में दबिश देने गई आगरा की क्राइम ब्रांच टीम पर यहां खुल्ली गैंग के सदस्यों ने फायरिंग कर दी गई थी और इसमें एक सिपाही सतीश परिहार की मौत हो गई थी।
कुछ दिन शांत रहने के बाद यह गैंग फिर से गांव में सक्रिय हो गया है। हाजी कमाल खां भी अपने गैंग के साथ कारोबारियों से लूटपाट कर रहा है। दो पक्षों में गैंगवार भी इस गांव में चल रही है। राजस्थान, हरियाणा और मथुरा पुलिस पर भी यहां दबिश के दौरान हमले हुए हैं,जिसके कारण पुलिस भी गांव जाने से बचती है।
टटलु कर रहे ई मार्केटिंग कंपनियों के जरिए भी ठगी
ओएलएक्स के विज्ञापन पर ठगे गए मैनपुरी के तीन सराफ
पहले फोन काल के जरिए लोगों को लूटने वाले टटलू गैंग अब ई-मार्केटिंग कंपनियों पर लुभावने विज्ञापन और आफर डालकर लोगों को फंसा रहे हैं। शहर के तीन सराफ इनकी लूट का शिकार हो चुके हैं। इसके चलते पुलिस ने कंपनियों के अधिकारियों से संपर्क साध उन्हें चेतावनी संदेश प्रसारित करने को कहा है।
करहल रोड पर रहने वाले एक सराफा व्यापारी ने बताया कि पिछले साल सस्ते सोने का विज्ञापन उसने ओएलएक्स की साइट पर देखा था। इसके बाद उसने विज्ञापन में दिए गए नंबर पर फोन किया तो बताया गया कि उसके पास सोने के बिस्कुट हैं। वो अपना काम खत्म करना चाहता है, उसे पैसे की जरूरत है, इसलिए वह इन्हें आधे दाम में बेच रहा है।
सस्ता सोना मिलने की लालच में व्यापारी दो अन्य साथियों के साथ मथुरा पहुंच गया। वहां निर्धारित स्थान पर पहुंचकर टटलुओं ने उससे सारे पैसे छीन लिए और सोना भी नहीं दिया। उसके बाद दो और सराफ इसी तरह से ठगी व लूट के शिकार हुए।
इन्होंने रिपोर्ट तो नहीं लिखाई, लेकिन हाल ही में पुलिस अधिकारियों को जानकारी देते हुए ऐसा कदम उठाने को कहा, जिससे और लोग टटलुओं के झांसे में न आए। एएसपी दिगंबर कुशवाह ने बताया कि कुछ सराफा व्यापारियों ने पिछले दिनों आकर टटलुओं के ठगी के नए तरीके अपनाने की जानकारी दी थी। इस संबंध में ई मार्केटिंग कंपनियों के अधिकारियों से वार्ता कर उन्हें सतर्कता संदेश जारी करने की बात कही है।