अपर सत्र न्यायाधीश लाल बहादुर ने जानलेवा हमले के दो दोषियों को दस-दस साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले की रिपोर्ट 2013 में थाना शेरगढ़ में दर्ज कराई गई थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नंद कुमार तिवारी के अनुसार वादी पदम सिंह ने थाना शेरगढ़ में तहरीर दी कि उसका भाई सहदेव उर्फ सूआ तीन सितंबर 2013 को नौकरी से घर वापस आ रहा था।
स्वामी बाबा मंदिर के सामने सड़क पर भीम और लक्ष्मण ने उन्हें पकड़ लिया और जान से मारने की नीयत से गोली मार दी।
गोली लगने से सहदेव बुरी तरह घायल होकर गिर गए।
मामले में दोनों पक्षों की ओर से अपर सत्र न्यायालय में गवाह और सबूत पेश किए गए।
सुनवाई के बाद न्यायाधीश लाल बहादुर ने दोष सिद्ध होने पर लक्ष्मण और भीम को दस-दस साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।