थाना क्षेत्र के गांव परसा की गढ़ी में शनिवार को कुएं में गिरे बकरी के बच्चे को निकालने उतरे दो युवकों की दम घुटने से मौत हो गई। युवकों की तलाश में कुएं में उतरे दो ग्रामीण भी बेहोश हो गए। किसी तरह इन्हें बाहर निकाला गया।
ग्राम परसा की गढ़ी निवासी बनी सिंह की बकरी का बच्चा घर के पास ही देवी मंदिर के समीप सूखे पड़े कुएं में गिर गया। इसे निकालने के लिए बनी सिंह का बेटा पवन (18) गया तो ग्रामीणों ने उससे मना कर दिया, तभी गांव का ही विष्णु (22) पुत्र विजय चंद आ गया। दोनों युवकों में बातचीत के बाद पवन कुएं में उतरा। अंदर से आवाज न आने पर कुछ देर बाद विष्णु भी कुएं में उतर गया।
काफी देर बाद दोनों युवकों के बाहर न आने पर ग्रामीणों को चिंता हुई। कुएं में रस्सी बांधकर श्रीकांत पुत्र रूपराम, फौरन पुत्र राजेंद्र को उतारा गया। इन्होंने युवकों को रस्सी में फंसा दिया, लेकिन जहरीली गैस से यह भी अचेत होने लगे, इशारा किया तो ग्रामीणों ने इन्हें तत्काल ऊपर खींच लिया। दोनों युवकों को भी बाहर निकाला, लेकिन पवन दम तोड़ चुका था।
विष्णु को तड़पता देख ग्रामीण उसे अस्पताल ले जाने लगे। रास्ते में विष्णु ने भी दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बताया गया कि पवन को स्कूल जाना था और विष्णु गुजरात जाने के लिए तैयार हुआ था।
छह साल से बंद है कुआं
गांव परसा की गढ़ी देवी मंदिर के पास कुंआ का पानी छह साल पूर्व उतर गया था। उसके बाद कुआं सूखा पड़ा था। पंद्रह फीट गहरे कुएं में जहरीली गैस बन रही है, यह ग्रामीणों को नहीं पता था। प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक राजवीर पचौरी ने बताया कि मीठे पानी के कारण यह कुंआ गांव का लोकप्रिय रहा है।
देहात क्षेत्र में जगह-जगह कुएं इसी तरह खुले पड़े हैं, जबकि अब यह जल के श्रोत नहीं रहे हैं। यह जब-तब हादसे का कारण बन रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन इनकी सुध नहीं ले रहा।