रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल से शनिवार को चोरी हुई नवजात बच्ची का दूसरे दिन भी सुराग नहीं लगने पर उसकी मां की तबीयत बिगड़ गई। परिवारीजन रविवार को महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इस पर लोग भड़क गए और गार्ड के साथ धक्कामुक्की की और गेट का शीशा तोड़ दिया। परिवारीजन अस्पताल प्रबंध की लापरवाही के कारण बच्ची चोरी होने का आरोप लगा रहे थे।
बता दें कि गांव देवी आटस निवासी कमल की पत्नी ममतेश की तीन दिन की बच्ची को शनिवार को एक महिला अस्पताल से चोरी कर ले गई। 24 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी बच्ची की बरामदगी न होने पर गांव में रोष फैल गया। बच्ची के खोने के गम में रविवार सुबह ममतेश की भी तबियत बिगड़ गई।
परिवारीजन और गांव वाले उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। गार्ड ने उन्हें रोका तो लोगों ने हंगामा करते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मुकदमा दर्ज कर बच्ची की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
बच्ची के पिता कमल का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से बच्ची चोरी हुई है। इधर, अस्पताल के प्रशासनिक व्यवस्थापक रामकृष्ण महाराज ने कहा कि सुबह गांव के 24 से अधिक लोग एंट्री पास के बिना अस्पताल में दाखिल हो रहे थे। जिन्हें गार्ड ने रोक दिया, इस पर विवाद हुआ। गांव के प्रधान और कुछ संभ्रात लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो पाया है।
पुलिस ने खंगाले अनाथालय, रेलवे स्टेशन
बच्ची की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमों ने रेलवे स्टेशन, बसस्टैंड और मथुरा, वृंदावन के कई अनाथालयों में पड़ताल कर नवजात बच्चों की जानकारी जुटाई। जिले के प्रमुख मंदिरों के आसपास भीख मांगने वाली महिलाओं और उनके पास बच्चों की भी जानकारी जुटाई। मुखबिर तंत्र और गांवों के चौकीदारों को भी सक्रिय किया गया है। इसके बाद भी पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है। कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी ने रंजिशन तो बच्ची को अगवा नहीं किया है।