चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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महिला को पति के एक्सीडेंट का झांसा देकर घर से बुला ले जाने और बलात्कार करने के दो दोषियों को अदालत ने दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। इनमें तीसरा आरोपी नाबालिग था लिहाजा उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड के सुपुर्द कर दिया है। इस वारदात में पीड़ित महिला सदमे से बाहर न आ सकी थी। वह बीमार रहने लगी और बाद में उसने दम तोड़ दिया था।
यह घटना चार जुलाई 2012 की है। बलदेव थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार हथकौली गांव निवासी तेजपाल, रंधीर और इनका तीसरा नाबालिग साथी आधी रात को एक विवाहिता को उसके पति के एक्सीडेंट की बात कहकर घर से ले गए।
इन तीनों ने महिला के घर से 22000 रुपये, सोने-चांदी के गहने भी चुरा लिए थे। जब महिला का पति घर लौटा तो बच्चों ने जानकारी दी कि मां को कुछ लोग अपने साथ ले गए हैं। अगले दिन उसके पति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने पीड़िता और उसकी निशानदेही पर तीनों आरोपियों को अलीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया और मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज हुए। फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश मनोरमा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद तेजपाल और रंधीर को चोरी, बलात्कार का दोषी पाया। दोनों को 10-10 साल की सजा सुनाई और जुर्माना लगाया। एडीजीसी अबू अहमद रिजवी ने बताया कि जुर्माना राशि में से आधी राशि पीड़िता के परिवारीजनों को दी जाएगी।