थाना नौहझील के गांव मकरंदगढ़ी में रिटायर्ड फ ौजी ने पुत्र से झगड़ा होने पर उस पर गोली चला दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मानसिंह (60) 1995 में सेना से रिटायर हुए थे और गांव में बेटों सुरेश (30) और सुरेन्द्र (27) के साथ गांव में रहकर खेतीबाड़ी कर रहे थे। कुछ दिनों पूर्व मानसिंह ने पानी का पाइप भाई उदयवीर को सिंचाई के लिए दिया था। सुरेश ने इसका विरोध किया था। शनिवार को सुबह सात बजे के करीब सुरेश ने खेत में सिंचाई के लिए पिता से उदयवीर के यहां से पाइप लाकर देने के लिए कहा।
मानसिंह ने मना कर दिया, तो पिता-पुत्र में झगड़ा हो गया। मारपीट तक हुई। बताया गया कि सुरेश ने एक ईंट फेंककर मानसिंह के मार दी। इससे कुपित हुए मानसिंह लाइसेंसी बंदूक निकाल लाए और बेटे पर पर गोली चला दी। सुरेश के सीने में गोली लगी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मानसिंह मौके से भाग गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मानसिंह का पीछा किया और उसे राया में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सुरेश के शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया है। देर शाम तक मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी।
अन्य महिला से संबंध पर होते थे झगड़े
गांव मकरंदगढ़ी हत्याकांड के पीछे पिता के एक महिला से संबंधों का विवाद भी सामने आ रहा है। मृतक सुरेश के भाई सुरेन्द्र ने बताया गया कि वह और भाई सुरेश पिता के अन्य महिला से संबंधों का विरोध करते थे। इसे लेकर अक्सर झगड़ा होता था। मिलने वाली पेंशन शराब और संबंध निभाने पर खर्च करने पर भी झगड़ा होता था। शनिवार को झगड़े के बढ़ने के पीछे वही कड़वाहट रही।