जवाहर बाग के कब्जाधारियों के नेतृत्वकर्ता रामवृक्ष यादव के मददगार जनपद से बाहर के ही नहीं अंदर भी थे। उसके लिए कानूनी मदद, रसद तक का इंतजाम करते थे। आपरेशन जवाहर बाग से पहले जिला प्रशासन की घेराबंदी के बावजूद 400 लीटर से ज्यादा डीजल बाग के अंदर भेजा गया था। ऐसे छह से अधिक लोगों की जांच कराई जा रही है।
रामवृक्ष की आर्थिक ताकत के स्रोत की जानकारी जिला प्रशासन ने करीब डेढ़ वर्ष पहले ही कर ली थी। इसमें कन्नौज, बदायूं, झांसी सहित प्रदेश से बाहर के कई लोगों के नामों के साथ मथुरा के लोग भी थे। मथुरा शहर और अड़ीग सहित कुछ गांवों के लोगों का जवाहर बाग आना जाना शुरू हो गया था। यहां बैठके होती थीं।
बताया जा रहा है कि रामवृक्ष को कानूनी सलाह मथुरा के लोगों से ही मिलने लगी। इस सलाह पर ही उसने न्याय पालिका का रुख किया। उसे स्थानीय स्तर पर रसद की भी आपूर्ति भी होती थी। इस पर डीएम ने हैरानी और नाराजगी जताई थी। इन स्थितियों में प्रशासन ने रामवृक्ष के स्थानीय मददगारों को चिह्नित कराया था। अब पुलिस जांच के दौरान इन लोगों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।