अपनी तीन बच्चियों की हत्या कर पत्नी पर प्राणघातक हमला करने वाले सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
21 नवंबर, 2013 को दोपहर करीब 12 बजे गांव निवासी सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी महेश चंद्र ने घ्ज्ञर में अपनी लाइसेंसी बंदूक से अपनी पुत्री चांदनी, काजल, विनीता और पत्नी सोनिया पर हमला किया। बंदूक चलने की आवाज सुन पहुंची अपनी मां शांति देवी और भाभी गुड्डी को देख महेशचंद्र भाग गया।
पांच वर्षीय काजल और तीन वर्षीय विनीता की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर घायल अवस्था में सात वर्षीय बेटी चांदनी और सोनिया को हास्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां चांदनी ने भी दम तोड़ दिया।
मामले में अन्नू सिंह की ओर से थाना मांट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने महेशचंद्र को कारतूस और बंदूक के साथ गिरफ्तार कर लिया।
अभियुक्त, वादी और पुलिस पक्ष सुनने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश आईडी दुबे ने महेशचंद्र पुत्र गुलाब सिंह को आजीवन कारावास के साथ 30 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। इस मामले में अभियोजन की तरफ से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) वीरेन्द्र लवानियां ने की।