श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भंडारा संचालकों से नगर पालिका और प्रशासन द्वारा लिए गए 21 सौ रुपये को ‘जजिया कर’ बताकर व्हाट्सएप पर पोस्ट डालना युवक को महंगा पड़ गया। उसके खिलाफ सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जन्माष्टमी पर देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु मथुरा में पूजा-अर्चना और ब्रज भ्रमण के लिए आते हैं। इस मौके पर ब्रज के समाजसेवी और दुकानदार आपस में चंदा कर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे आयोजित करते हैं। इस बार भंडारा संचालन के लिए अनुमति देने के लिए नगर पालिका और प्रशासन ने 2100 रुपये की राशि वसूल की। प्रशासन के अनुसार ये राशि साफ-सफाई करने के एवज में ली जा रही है।
हालांकि विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने प्रशासनिक रवैये की निंदा करते हुए इसे ‘जजिया कर’ की संज्ञा दी। राजनीतिक दलों ने इसके विरोध में जोरदार प्रदर्शन भी किया। इस सबके बीच इससे संबंधित सूचनाएं भी लोगों ने व्हाट्सएप पर डालीं। देखते ही देखते देशभर में यह खबर वायरल हो गई। इस पर पुलिस ने सदर बाजार के माली मोहल्ला निवासी जितेन्द्र सैनी पुत्र हुकुम चंद्र सैनी के खिलाफ सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास और आईटी एक्ट का दुरुपयोग करने की रिपोर्ट दर्ज की है। यह रिपोर्ट सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी के आदेश पर एसओ सदर उदयराज की ओर से दर्ज कराई गई है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे धार्मिक पर्व पर कुछ लोगों ने व्हाट्स एप पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास वाली सामग्री पोस्ट की। मामला संज्ञान में लिया गया है। भ्रामक सूचना फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और आईटी एक्ट का दुरुपयोग करने की धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
- शैलेश पांडेय, एसपी सिटी