धर्मनगरी में नास्तिक सम्मेलन के बहाने धार्मिक ग्रंथों और संतों के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर घिरे बालेेंदू के साथ-साथ उनके दोनों भाइयों पर भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। इधर, संतों और हिंदूवादियों ने पुलिस से बालेंदू और उनके भाइयों की गिरफ्तारी की मांग की है।
विदित हो कि 14 अक्तूबर को नास्तिक सम्मेलन के आयोजक स्वामी बालेंदू पर धार्मिक ग्रंथों, ईश्वर और संतों के विरुद्ध विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस को कई शिकायती पत्र मिले। संतों और हिंदूवादियों के बढ़ते आक्रोश के बाद पुलिस ने मंगलवार रात बालेंदू, उनके भाई यशेंदू और पूर्णेंदू के खिलाफ आईपीसी की धारा 295 (धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के साथ सांप्रदायिक सद्भावना, अमन चैन को प्रभावित कर शांति भंग करने) और सोशल साइट पर आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने के आरोप में 67 आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने संत गोविंदानंद की तहरीर पर ये मुकदमा दर्ज किया है। सफाई नायक मुकेश खरे ने भी पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह सोलंकी का कहना है कि यदि मुकेश खरे की तहरीर आती है तो एससीएसटी में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
स्वामी बालेंदू के खिलाफ विराट सभा तीन को
धर्म रक्षा संघ की बैठक बुधवार को शील वाली कुंज में आयोजित हुई। इसमें सर्वसम्मति से तीन नवंबर को राममंदिर अटल्ला चुंगी पर नास्तिकता सम्मेलन के आयोजन स्वामी बालेंदू के खिलाफ एक विराट सभा का आयोजन करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में महंत फूलडोल बिहारी दास, महंत हरिबोल बाबा महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी नवल गिरि, संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश, ब्रज मंडल संयोजक मृदुलकांत शास्त्री, सभा संयोजक श्रीकृष्ण सरस, संघ अध्यक्ष सौरभ गौड़, सभासद मुस्तफा आलम आदि मौजूद रहे।