जवाहर बाग में कब्जा जमाकर बैठे कथित सत्याग्रहियों के प्रति आम जनता में भी गुस्सा दिखा। इसके बाद जब एसओ फरह के शहीद होने की सूचना मिली तो भीड़ और भी उग्र हो गई। उन्होंने कार्रवाई के बाद भागते लोगों को जमकर पीटा।
जवाहर बाग में करीब ढाई साल से कब्जा जमाए लोगों को पुलिस और प्रशासन ने कई बार जवाहर बाग को खाली करने के लिए आगाह किया था। इसके बाद भी उन्होंने कई बार पुलिस और प्रशासन पर हमले किए। फिर भी कब्जा करने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो इनके हौसले बुलंद हो गए। इसकी परिणति गुरुवार को जवाहर बाग में पुलिस एवं कथित सत्याग्रही के बीच संघर्ष, एसओ फरह संतोष कुमार और एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के शहीद होने के साथ कई पुलिसकर्मियों के गंभीर घायल होने के रूप में हुई।
जब आम लोगों को गुरुवार शाम यह जानकारी मिली कि जवाहर बाग पर कार्रवाई के दौरान एसपी सिटी घायल हुए हैं और एसओ फरह शहीद हो गए हैं तो उनकी सहानुभूति पुलिस की ओर और कथित सत्याग्रहियों के प्रति गुस्सा और नाराजगी उभर आई। कार्रवाई के बाद जब कब्जा जमाने वाले लोगों ने जवाहर बाग से निकलकर सड़कों पर भागना शुरू किया तो सड़कों पर मौजूद पब्लिक ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। कुछ कथित सत्याग्रहियों ने जब इसका विरोध किया तो उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। हालांकि कथित सत्याग्रहियों में शामिल बुजुर्ग महिला और बच्चे सड़क पर गिर पडे़ तो लोगों ने सहानुभूति जताते हुए उन्हें सड़क से उठाया और पानी भी पिलाया। इसके बाद जाने दिया।
जूते, चप्पल छोड़ भागे
जवाहर बाग में कार्रवाई के बाद कब्जाधारी सड़कों पर मौजूद पुलिस और पब्लिक से बचने के प्रयास में भागने लगे। इसी आपाधापी में वह अपने चप्पल, जूते और सामान भी सड़क पर छोड़ गए।
लगे पुलिस-प्रशासन जिंदाबाद के नारे
पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर जवाहर बाग खाली होने के बाद पब्लिक ने पुलिस-प्रशासन जिंदाबाद के नारे लगाए। काफी संख्या में भीड़ जवाहर बाग के मुख्य द्वार तक नारे लगाते गई। यहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें नारे लगाने से मना किया। ताकि जवाहर बाग के बाद वहां चल रही कार्रवाई में खलल न पडे़।
पुलिस ने फोटो-वीडियो बनाने से रोका
जवाहर बाग में कार्रवाई के बाद जब कब्जाधारी सड़कों पर भाग रहे थे तो उस दौरान पब्लिक में फूटे गुस्से का भी वह शिकार हुए। इस दौरान जब कुछ लोगों ने अपने मोबाइल ऑन कर फोटो और वीडियो बनाना शुरू किया तो पहले तो सिपाहियों ने उन्हें रोका-टोका। इसके बाद फिर आम जनता ने भी ऐसे लोगों को रोकना शुरू कर दिया।
हो अजनबी, तो न घर में न दें शरण
मथुरा। जवाहर बाग से निकलकर भागे कब्जाधारी शहर की ओर गए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने जिले के लोगों के लिए किसी भी अजनबी को घर में शरण न देने का मैसेज फ्लैश कराया। सड़कों पर चारों ओर कब्जाधारी ही दिखाई दे रहे थे। पुलिस और प्रशासन ने संदेश दिया कि कोई भी व्यक्ति किसी अजनबी को अपने घर में शरण न दे। यदि किसी के पास इस तरह का कोई भी व्यक्ति आता है, तो इसकी जानकारी पुलिस को दी जाए।
कब्जाधारियों ने पीटे बाइक सवार
जवाहर बाग में कार्रवाई के बाद एकजुट होकर भागे कब्जाधारियों को सिविल लाइंस के आसपास काफी संख्या में मौजूद पब्लिक ने पीटा। इसके बाद कब्जाधारी मछली फाटक के पास पहुंचे तो इनकी संख्या काफी अधिक हो गई। यहां इन्होंने बाइक सवारों सहित राहगीरों को पीटना शुरू कर दिया। यह देखकर आम लोग एकत्रित हो गए और कब्जाधारियों को भगा दिया। कब्जाधारियों की पकड़ कर तलाशी ली गई तो कब्जाधारियों के पास से तीन पिस्टल और तमंचे बरामद हुए। इन अवैध हथियारों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस ने बंद कराया बाजार
जवाहर बाग में हुई कार्रवाई में घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा के लिहाज से अस्पताल को घेर लिया। इसके बाद यहां आसपास की मार्केट पूरी तरह बंद करा दी गई।
रुकवाई लखनऊ कंट्रोल से कटौती
लखनऊ कंट्रोल से लगातार कई दिनों से हो रही बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। गुरुवार की शाम को जवाहर बाग में हुई कार्रवाई देखते हुए लखनऊ कंट्रोल से होने वाली कटौती को रोकने के लिए विद्युत अधिकारियों ने लखनऊ तक मैसेज पहुंचाया। जवाहर बाग पर कब्जा जमाने वाले लोगों पर गुरुवार की शाम को हुई कार्रवाई देर रात तक चलती रही। वहीं दूसरी ओर लखनऊ कंट्रोल से होने वाली विद्युत कटौती के चलते शाम होते ही शहर में अंधेरा फैल गया। इसे ध्यान में रखते हुए दक्षिणांचल विद्युत निगम के चीफ इंजीनियर अतुल निगम ने लखनऊ को जवाहर बाग प्रकरण की जानकारी देते हुए विद्युत कटौती से मुक्त रखने का मैसेज भेजा। एक्सईएन शहरी लोकेश कुमार ने बताया कि चीफ इंजीनियर अतुल निगम द्वारा लखनऊ भेजे गए मैसेज के अनुसार पांच जून तक शहर को बिजली कटौती मुक्त रखे जाने का आग्रह किया गया है।