नारी निकेतन में शुक्रवार तड़के हुई वारदात घोर लापरवाही का परिणाम है। जिला जज दिनेश कुमार सिंह ने खुद यह बता कही। नारी निकेतन की व्यवस्थाएं भी इसे साबित कर रही हैं।
बता दें कि कोतवाली क्षेत्र के कुशक गली स्थित राजकीय महिला शरणालय में रह रही संवासिनियों के आए दिन भागने और अन्य शिकायतों को लेकर अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए हैं। एक माह पहले इमारत में सीसीटीवी कैमरे की लाइन खिंच गई और कैमरे लग गए लेकिन वे आज तक चालू नहीं कराए गए।
नारी निकेतन के आसपास रहने वाले लोग बताते हैं कि महीने में लगभग चार-पांच बार युवक यहां युवतियों से मिलने आते रहते हैं। इस दौरान युवक दो-दो घंटे तक निकेतन में रहते हैं। कई बार युवतियों के साथ मारपीट की नौबत आ जाती है, शोर-शराबा होने पर उन्हें बीच बचाव करने जाना पड़ता है।
आरोप है कि इन्हीं हरकतों के चलते प्रभारी अधीक्षिका ने सीसी कैमरे चालू नहीं होने दिए। वहीं कोतवाली में हुई पूछताछ में बरामद संवासिनियों ने बताया कि अब तक लापता दोनों युवतियां चोरी छिपे मोबाइल का प्रयोग भी करती थीं। कुछ अन्य मोबाइल भी नारी निकेतन में प्रयोग होते हैं।
प्रेमिका से मिलने आता रहता था कुलदीप
नारी निकेतन से भागने के बाद बरामद हुई संवासिनियों से एक घंटे तक कोतवाली में पूछताछ की गई। यहां संवासिनियों ने एसएसपी, एसपी सिटी और सीओ सिटी को बताया कि देहरादून निवासी युवती का प्रेमी कुलदीप अक्सर उससे मिलने नारी निकेतन आता रहता था।
वहीं सौंख अड्डा निवासी युवक की निकटता मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र निवासी युवती से थी। वह कुलदीप के साथ नारी निकेतन आता था। शुक्रवार तड़के हुई घटना में जो तमंचाधारी युवक मुंह पर काला कपड़ा बांधे और कमर में कारतूसों की बेल्ट लगाकर आए, उसमें एक की आवाज कुलदीप जैसी थी।
उसने आते ही दोनों युवतियों को जगाया। संवासिनियों ने पुलिस को बताया कि जिस आवाज में उनसे यह कहा गया कि दो युवतियां तो साथ जा रही हैं, बाकी भी चली जाओ वरना यहीं पर जिंदगी भर सड़ती रहोगी, वह कुलदीप की थी।
दो बार भागी देहरादून निवासी युवती
नारी निकेतन में रहने वाली देहरादून निवासी युवती को चार साल पहले उसके पति ने छोड़ दिया था। उसके बाद वह अपने प्रेमी के साथ भाग गई। नारी निकेतन की प्रभारी अधीक्षिका वीना देवी के अनुसार पुलिस ने युवती को बरामद कर 2012 में नारी निकेतन भेजा। यहीं उसने बेटी को जन्म दिया। इसके बाद भी उसका प्रेमी कुलदीप निवासी महोली रोड उससे मिलने आता था। कोर्ट में तारीख पर भी मिलता था।
फरवरी माह में बीमारी का बहाना बनाकर देहरादून की युवती महिला होमगार्ड के साथ जिला अस्पताल दवा लेने गई थी। वहां से वह कुलदीप के साथ भाग गई। कोतवाली पुलिस ने उसे आगरा से बरामद किया था। वहीं दूसरी युवती हाईवे क्षेत्र मथुरा की है। उसे पुलिस ने भरतपुर से बरामद कर जून माह में नारी निकेतन भेजा था। पुलिस का भी मानना है कि कुलदीप ने ही सौंख अड्डा निवासी अपने मित्र के साथ यह खतरनाक वारदात की। नारी निकेतन से जुड़े सूत्र बताते हैं कि हमलावरों ने आते ही दोनों युवतियों के बारे में पूछा था। युवकों को देख दोनों युवतियां खुशी-खुशी सामान पैक करने लगीं।