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साधु की मौत से 12 घंटे पहले मारा गया बर्खास्त सिपाही

Wed, 18 Jan 2017 11:47 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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श्रीमोहन संन्यास आश्रम
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गोधूलिपरम स्थित श्रीमोहन संन्यास आश्रम में मंगलवार को एक बर्खास्त सिपाही प्रभास गौतम (60) और साधु राजेंद्रानंदपुरी (55) की मौत की गुत्थी और उलझ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बर्खास्त सिपाही की मौत सोमवार की रात आठ से नौ बजे के बीच हुई है।
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हत्या सिर पर कोई भारी चीज मारकर की गई है। जबकि साधु की मौत मंगलवार सुबह आठ से नौ बजे के बीच दम घुटने से हुई है। साधु ने सुइसाइड किया है या फिर उसे मारकर फांसी पर लटकाया गया है यह जांच का विषय है।

बुधवार को डाक्टरों के पैनल ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया। बर्खास्त सिपाही के साले आगरा के दयालबाग निवासी रमेशचंद्र शर्मा ने मंगलवार की देर रात अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक ने कहा कि कई लोगों से पूछताछ के बाद कई साक्ष्य जुटाए गए हैं।
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मामला हत्याओं का है या कुछ और यह जल्दी ही सामने आ जाएगा। इधर, इस आश्रम में रहने वाला एक छात्र पीयूष निवासी अलीगढ़ बेसमां इस घटना के बाद से फरार हैं। पुलिस का मानना है कि वही पूरी वारदात का राजफाश कर सकता है। उसकी तलाश की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पीयूष पुलिस को मिल गया है।

आश्रम से भागकर गांव पहुंच गया था पीयूष
बर्खास्त सिपाही और साधु की मौत के बाद पीयूष आश्रम से भागकर सीधे अपने गांव बेसमां पहुंचा था। जब उसके परिवार वालों को पता चला कि पुलिस उसको तलाश रही है तो रात को वह घर से गायब हो गया। पुलिस का कहना है कि आश्रम में रहने वाले पीयूष के भाई अखिलेश, उसके बहनोई सासनी निवासी पवन, अखिलेश के मित्र शशिकांत और अरुण से पूछताछ की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पीयूष सोमवार की रात ही अपने घर बेसमां पहुंच चुका है यह बात उसका भाई भी जानता था।

27 वर्ष पूर्व आगरा में बर्खास्त किया गया था मृतक सिपाही
गांव सुनरख का मूल निवासी मृतक प्रभास गौतम उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही था। आगरा में तैनाती के समय करीब 27 वर्ष पूर्व उसे बर्खास्त कर दिया गया था। कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक के अनुसार मृतक के साले रमेशचंद्र ने बताया कि हाईकोर्ट से आदेश मिलने के बाद भी प्रभास ने नौकरी ज्वाइन नहीं की। इसके बाद से ही उसका मानसिक संतुलन भी बिगड़ता चला गया। पुलिस के अनुसार वर्ष 2001 में पुलिस ने प्रभास को गांव सुनरख स्थित उसके घर से ही शराब तस्करी के आरोप में जेल भी भेजा था।
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