टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर समीर दत्ता सड़क से करीब 25 फुट नीचे जा गिरे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर तैनात दरोगा का शव संदिग्ध हालात में जन्मस्थान के निकट एक मकान के कमरे से मिला। वो इस कमरे में किराए पर रह रहे थे। कमरे का बाहर से ताला लगा था। बदबू आने पर राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। उनकी हत्या की आशंका जताई जा रही है।
मूल रूप से बागपत के गांव दोघट के रहने वाले दरोगा नंदकिशोर पुत्र गिरवर शर्मा दो साल से अधिक समय से श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर तैनात थे। उन्होंने जन्मस्थान के निकट मलपुरा इलाके में गणपति प्लाजा के निकट मकान में किराए पर कमरा ले रखा था। शुक्रवार को वे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कंस कारागार के निकट ड्यूटी देने गए थे।
ड्यूटी देने के बाद वे कमरे पर चले गए। शनिवार को वे ड्यूटी नहीं पहुंचे। रविवार शाम चार बजे उनके कमरे का बाहर से ताला लगा हुआ था। कमरे से बदबू आने और खून निकलते देख राहगीरों ने थाना गोविंद नगर और श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर तैनात पुलिसकर्मियों को सूचना दी।
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी, एसपी सुरक्षा अशोक कुमार सिंह, सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी और गोविंद नगर पुलिस मौके पर पहुंची। ताला तोड़ा गया तो अंदर दरोगा का शव पड़ा था। एसपी सिटी ने बताया कि शव दो दिन पुराना लग रहा है। कमरे में रक्त के निशान भी हैं।
शरीर पर चोट के निशान हो सकते हैं। शव को पोस्टमार्टम भेजा जा रहा है। हत्या की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। फोरेंसिक टीम ने कमरे की जांच की है। वहां रखे उपकरणों और सामान से फिंगर प्रिंट लिए हैं।
पुलिस अधिकारियों को मौके से दरोगा नंदकिशोर का मोबाइल मिला है। अधिकारियों का कहना है कि कॉल डिटेल निकलवाई जाएगी। उससे कोई सुराग मिल सकता है।