कोतवाली पुलिस ने शहर के सौंख अड्डा स्थित बैंक के बाहर से वन विभाग के रेंजर से हुई 10 लाख की लूट का खुलासा करने का दाबा किया है। पुलिस ने एक लुटेरे को साथी समेत दबोच लिया और इनके कब्जे से लूटी गई कुछ धनराशि और हथियार भी बरामद किए हैं। पकड़ा गया लुटेरा वर्ष 2015 में आगरा के कागारौल में 50 लाख की लूट में शामिल रहा, इस पर 15000 रुपये का इनाम है।
शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार रात नए बस अड्डे के समीप चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो युवकों को पकड़ा। यह संतोष निवासी महामौनी, मुरसान (हाथरस) और दिनेश निवासी शीतला, मुरसान (हाथरस) हैं।
इनके कब्जे से लूट में प्रयोग की गई बाइक, पिस्टल, लूटा गया बैग और 2.20 लाख रुपये, तमंचा-कारतूस बरामद किए हैं। संतोष पर हाथरस में दो, आगरा में दो और शहर कोतवाली में तीन मुकदमे दर्ज हैं। इस दौरान एसपी (सिटी) आलोक प्रियदर्शी मौजूद रहे।
बर्खास्त सिपाही है लूट का मास्टरमाइंड
10 लाख की लूट का मास्टरमाइंड यूपी पुलिस का बर्खास्त सिपाही देवेंद्र निवासी ऊदर थाना मांट हैं, इसे वर्ष 2006 में आगरा एसओजी से बर्खास्त किया गया था। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि रेंजर से की गई लूट से पहले रेकी कराई गई, वहीं लूट वाले दिन भी मास्टमाइंड का एक साथी बैंक में पहले से मौजूद था।
इसके इशारे पर ही बाइक सवार दो बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया, जिनमें संतोष पकड़ में आ गया, मास्टरमाइंड समेत तीन अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। बर्खास्त सिपाही को सर्विलांस पर अच्छी पकड़ के चलते वारदात के खुलासे में समय लग गया।
खुलासा करने वाली टीम
कोतवाली प्रभारी संजय जायसवाल, स्वाट टीम प्रभारी हरीशवर्धन, उपनिरीक्षक सत्यवीर सिंह, सर्विलांस प्रभारी सत्यवीर सिंह, कांस्टेबल सचिन कुमार, विनय कुमार, तहसीन खां, रजनीश कुमार, रोहित कुमार।