दो पक्षों में हुई मारपीट के दौरान मुर्गा फाटक पर हुए बवाल में पुलिस ने ज्वाला प्रसाद को नामजद किया है। इनकी दो साल पहले ही मौत हो चुकी है। पुलिस की ओर से भेजे गए नोटिस में ज्वाला प्रसाद पर बवाल के दौरान पत्थर बरसाने का आरोप भी है।
13 अप्रैल की रात 9:30 बजे मुर्गा फाटक पर मीट कारोबारियों और ग्राहकों में मारपीट हो गई थी। सूचना पर बाग बहादुर, कोतवाली पुलिस और सदर पुलिस देर रात मौके पर पहुंची तो मीट कारोबारियों ने पुलिस पर हमला कर दिया था।
इस मामले में कोतवाली पुलिस की ओर से दरोगा सत्यवीर सिंह ने मुकदमा अपराध संख्या 388/16 पर बबलू, लखानी, गोलू, कुंदन, सुनील, झब्बू, पप्पू, धर्मेंद्र, दिनेश, हीरालाल, अशोक, मुकेश, पप्पू, राजेंद्र और दूसरे पक्ष के राहुल, लखन, कुंदन, ज्वाला प्रसाद पुत्र छोटेलाल, बांके सहित 41 लागों को नामजद किया। इसमें झगड़ा करने, मारपीट, पुलिस पर पथराव, कार्य में बाधा आदि का आरोप लगाया।
अब मामले की विवेचना में आरोपियों के गिरफ्तारी पूर्व बयान आदि लेने के लिए विवेचक ने सभी नामजदों के 41 सीआरपीसी के तहत नोटिस जारी किए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार इसमें जब विवेचक ज्वाला प्रसाद पुत्र छोटेलाल का मुर्गा फाटक इलाके में नोटिस लेकर गए तो उनके बारे में बताया कि ज्वाला प्रसाद की दो साल पूर्व मौत हो चुकी है।
अब पुलिस गलती को छुपाने के प्रयास में जुट गई है। वादी पुलिस की रिपोर्ट में मरे हुए व्यक्ति को नामजद होने पर अपनी किरकिरी होते देख मामले को दबाने में जुट गए हैं। विवेचक ने नोटिस रिसीव में आरोपी ज्वाला प्रसाद की मृत्यु होना बताकर कोतवाली में वापस कर दिया है।
13 अप्रैल को मुर्गा फाटक इलाके में पुलिस पर हुए पथराव के मामले में 41 लोग नामजद हैं। एक नामजद का पता नहीं लग रहा है। पड़ोसियों के अनुसार उसकी दो साल पहले मौत होना बताया गया है। पुलिस नगर पालिका से उसके मृत्यु प्रमाणपत्र आदि की जानकारी जुटा रही है, मामले में कहां चूक हुई है इसे दिखवाया जा रहा है। मृतक होेने पर उसका नाम हटवा दिया जाएगा।
- चक्र पाणि त्रिपाठी, सीओ सिटी