कालेजों की छात्राओं और युवतियों की अश्लील फोटो और क्लिपिंग व्हाट्स-एप और फेसबुक के माध्यम से सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में उच्च अधिकारियों के जवाब तलब के बाद मथुरा पुलिस की भी जांच तेज हो गई है। प्रकरण में जो मोबाइल नंबर शक के दायरे में आएं हैं उनमें से कई बंद जा रहे हैं। पुलिस इन्हीं मोबाइल नंबरों पर जांच केंद्रित किए हुए है। इधर पीड़ित युवतियों को डिप्रेशन की शिकायत की बात कही जा रही है।
साइबर टीम ने पीड़ित परिवारों खासकर पीड़ित छात्राओं से साइबर सेल में बुलाकर कई अहम जानकारियां ली हैं। कुछ नंबर पुलिस के शक के दायरे में भी आए हैं। जिनमें कई नंबर पिछले कुछ समय से अचानक बंद हो गए हैं। पुलिस इन बंद नंबरों की गहराई से जांच कर रही है। पीड़ित परिवारों में से एक छात्रा नाबालिग बताई गई है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जांच पूरी तेजी के साथ चल रही है। जल्द ही इस मामले से पर्दा उठा दिया जाएगा।
इधर कनकधारा फाउंडेशन की अध्यक्षा डा. लक्ष्मी गौतम ने मामले में पास्को लगाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना न हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले इसके लिए उन्होंने पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर एक मसौदा तैयार किया है। इस मसौदे को वह राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग को भेजेंगी। पचास से अधिक पीड़ित परिवारों में से 8 परिवारों ने गुरुवार को संयुक्त रूप से एक प्रार्थना पत्र पुलिस को सौंपा है। कई परिवार और बेटियां भारी डिप्रेशन में हैं।