दो सराफों की हत्या में शामिल कुख्यात बदमाश राकेश उर्फ रंगा और उसके छोटे भाई कामेश उर्फ चीनी से पुलिस कोई खास राज नहीं उगलवा पाई। रिमांड का पहला दिन तो यूं ही बीत गया। दोनों बदमाश कभी चक्कर आने का बहाना बनाते रहे तो कभी उल्टी आने का। पुलिस दोनों को चौबियापाड़ा भी लेकर पहुंची थी। बताते हैं कि बदमाशों
ने सिर्फ कुछ नाम पुलिस को बताए हैं। जहां वे ठहरे थे। रविवार को पुलिस इन दोनों बदमाशों को लेकर चौबियापाड़ा पहुंची। वहां इन बदमाशों से पूछा गया कि वह यहां किस-किस के घर पर रहे थे। बताया जाता है कि दोनों बदमाशों ने छह लोगों के नाम बताए हैं जिनके घर पर यह छिपे रहे। वहीं, बदमाशों के करीबी एक सराफ का नाम भी
प्रकाश में आ रहा है। पुलिस उससे भी पूछताछ करने की तैयारी में है। बताया जाता है कि पुलिस को इन दोनों बदमाशों ने कोई बड़ा सुराग नहीं दिया है। पुलिस जब भी सवाल करती तभी रंगा कभी चक्कर आने तो कभी उल्टी आने का बहाना करने लगता था। कभी सिर पकड़कर बैठ जाता था। उधर, पुलिस को उम्मीद है कि दोनों बदमाशों
से पूरा घटना के बारे में कुछ अहम सुराग हाथ लगेंगे। होलीगेट पर स्थित कोयला वाली गली में 15 मई को सराफ विकास अग्रवाल और मेघ अग्रवाल की हत्या करके चार करोड़ का सोना लूट लिया गया था। पुलिस ने रंगा और उसके भाई नीरज व कामेश समेत छह बदमाशों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया था। लेकिन, पुलिस
अभी तक बदमाशों से लूटा गया सोना बरामद नहीं कर पाई थी। इसी घटना के तहत लूटे गए माल की बरामदगी के लिए पुलिस ने रंगा और उसके भाई चीनी को तीन दिन की रिमांड पर लिया है।