एक नवजात को मौत के बाद परिवार वालों ने खेत पर ले जाकर उसे दफन कर दिया। इधर परिवार की एक महिला के ख्वाब पर यकीन कर सुबह को उसे दोबारा निकाल लिया। परिवारीजन उसे डाक्टर के पास लेकर पहुंचे तो डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बच्चे के शव को दोबारा दफन किया गया।
गांव सिहोरा निवासी मोहन सिंह की पत्नी शशि को 20 फरवरी को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। यमुनापार स्थित एक डिस्पेंसरी में डिलीवरी कराई गई। नवजात की तबीयत खराब हुई तो शहर के चार बाल रोग विशेषज्ञों को दिखाया गया। फिर भी उसे बचाया नहीं जा सका।
परिवार के लोग उसे घर ले आए और खेत पर ले जाकर दफन कर दिया। बाद में परिवार की महिलाओं ने सुबह सबको बताया कि सपने में उन्होंने बालक को जिंदा होते देखा। इस पर परिवार वालों ने यकीन कर लिया और सुबह खेत पर पहुंच गए।
यहां बच्चे के शव को बाहर निकाल लिया। परिवार वालों का कहना है कि वे बच्चे को घर ले गए और दूध पिलाया। गांव में डाक्टर को दिखाया तो उसने मृत घोषित कर दिया। बालक के शव को फिर दफन कर दिया है।